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जानिए एक 'पत्नी पीड़ित' पति की दर्दभरी दास्तां

घरेलू झगड़े में एक महिला ने अपने पति पर खौलता हुआ पानी डाल दिया। बुरी तरह जख्मी पति ने इसके बाद घरेलू हिंसा के शिकार पुरुषों के पक्ष में आवाज उठाने की ठान ली।


इंग्लैंड के पीटरब्रा शहर में पति पर खौलता पानी फेंकने की यह घटना बीते साल मार्च की है जिसमें 65 साल के केन ग्रेगोरी काफी झुलस गए थे। उन्होंने घरेलू हिंसा के शिकार पुरुषों को ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए प्रेरित किया है।

ग्रेगरी कहते हैं, ''कोई महिला किसी पुरुष को निशाना बनाती है तो ये ऐसी बात नहीं है जिस पर शर्मिंदा होना पड़े।'' ग्रेगरी और टेरेसा गिल्बर्स्टन का तलाक हो चुका है। ग्रेगोरी को शारीरिक रूप से गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए कोर्ट ने टेरेसा को दोषी ठहराया है। गिल्बर्स्टन को 24 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।
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'दर्द बर्दाश्त के बाहर था'

सात साल पहले ग्रेगोरी की टेरेसा से मुलाकात हुई थी। तब उनकी पहली पत्नी मौरीन की मौत हो चुकी थी। ग्रेगरी पर जिस दिन हमला हुआ उस दिन वे मौरीन की कब्र पर जाने वाले थे। उस दिन मौरीन का जन्मदिन था।

लेकिन इसी बीच दूसरी पत्नी से उनकी बहस हो गई और जिसके बाद दोनों ने तलाक लेने का मन बना लिया। इसके बाद गिल्बर्स्टन रसोईघर में चाय बनाने गईं, लेकिन जब लौटीं तो उनके हाथ में खौलते हुए पानी से भरा जग था, जिसे उन्होंने पीछे से ग्रेगोरी के सिर पर उड़ेल दिया।

ग्रेगरी ने बयान में कहा, ''दर्द बर्दाश्त के बाहर था। मैंने ऐसा दर्द इससे पहले कभी नहीं झेला।'' घरेलू हिंसा के शिकार पुरुष ग्रेगरी ने बताया कि कुछ हफ़्ते पहले जब वो सो रहे थे तो गिल्बर्स्टन ने उनके ऊपर चाय फेंक दी थी और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा था।

ग्रेगोरी ने कहा कि इस हिंसा के बारे में उन्होंने लोगों को बताने और अपने घाव दिखाने का मन बना लिया है ताकि घरेलू हिंसा को लेकर पुरुष पीड़ितों के इस पक्ष को उजागर किया जा सके।

वो कहते हैं, ''एक धारणा है कि थोड़े उम्रदराज और शरीर से ठीकठाक पुरुष घरेलू हिंसा के शिकार नहीं हो सकते, लेकिन महिलाओं के मामले में जैसा संदेश दिया जाता है, वैसा ही इसमें भी दिया जाना चाहिए।''

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