लीबिया में कुछ बंदूकधारियों ने वहां की संसद पर गोलीबारी की है और कई लोगों को बंधक बनाने की भी ख़बर है।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ये बंदूकधारी ज़िन्टान नाम के चरमपंथी संगठन से जुड़े हैं। जो पूर्व शासक कर्नल गद्दाफी के समर्थक थे।
वहीं कुछ अन्य लोगों का कहना है कि ये लोग सेना के पूर्व अधिकारी ख़लीफा हिफ्तार से संबंध रखते हैं। शुक्रवार को बेनगाज़ी शहर में हुए हमलों में ख़लीफा हिफ्तार का ही हाथ बताया जा रहा है।
इस हमले में सत्तर से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने इस घटना की निंदा की थी और बेनगाज़ी शहर को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया था।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब सरकार समर्थित सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की तो उन्होंने इस इलाके में भयानक धुआं देखा।
वैसे हमले की चेतावनी पहले ही मिल चुकी थी। जिसकी वजह से संसद भवन परिसर में ज्यादा लोग नहीं थे। हालांकि बाद में रिटायर्ड जनरल ख़लीफा हफ्तार के नेतृत्व में बने एक अर्धसैनिक बल ने हमले की जिम्मेदारी ले ली है।
तौफीक ब्रीक लिबरल नेशनल फोर्सेज अलाएंस पार्टी के सदस्य हैं। उनका कहना है, ''देश एक ज्वालामुखी के मुहाने पर है जिसमें कभी भी धमाका हो सकता है।"