मिस्र के नए विदेश मंत्री ने वहाँ हुई हिंसा के बाद सबसे संयम बरतने को कहा है। बीबीसी को दिए इंटरव्यू में नाबिल फ़हमी ने कहा कि सभी पक्षों को हिंसा करना और भड़काना बंद करना चाहिए।
वहीं मिस्र के अंतरिम राष्ट्रपति ने देश के प्रधानमंत्री के उस अधिकार की सीमा बढ़ा दी है जिसके तहत नागरिकों को गिरफ़्तार करने का सैन्य अधिकार होगा।
आंतरिक मामलों के मंत्री मोहम्मद इब्राहिम पहले ही आगाह कर चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों को जल्द ही हटा दिया जाएगा।
काहिरा में एक पुलिस अकादमी के समारोह में मोहम्मद इब्राहिम ने कहा, “पुलिस का दृढ़ निश्चय है कि देश में स्थायित्व लाना है। वो ऐसा लोगों की मदद से कर सकती है। हम किसी व्यक्ति को माहौल ख़राब करने की अनुमति नहीं देंगे। अगर कोई सुरक्षा में बाधा डालेगा तो उससे सख़्ती से निपटा जाएगा।”
इस बीच पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों और सेना के बीच गतिरोध बना हुआ है। काहिरा में जमा हुए इन लोगों को आगाह किया गया है कि इन्हें वहाँ से हटा दिया जाएगा। ये लोग अब भी वहाँ जमा हैं।
'प्रदर्शन जारी रहेगा'
सेना के साथ झड़पों में बड़ी संख्या में मुर्सी समर्थक मारे जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शनिवार को 78 लोग मारे गए जबकि मुर्सी समर्थकों का कहना है कि 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है। रविवार को भी झड़पे हुईं जिसमें दो लोग मारे गए।
मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं ने रात को प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया है और कहा कि वे अपनी माँगों से पीछे नहीं हटेंगे। ये लोग चाहते हैं कि मुर्सी को फिर से बहाल किया जाए।
नेताओं का कहना था कि शनिवार को मुर्सी समर्थकों को इसलिए मारा गया क्योंकि शासन लोगों के इकट्ठा होने से डरा हुआ था। वक्ताओं ने कहा कि क्लिक करें मिस्र में लोगों को डरने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वे न्याय के लिए लड़ रहे हैं।
मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गेहाद अल हदाद ने बीबीसी को बताया कि रबा अल अदाविया मस्जिद में हज़ारों पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
उनका कहना था, “राष्ट्रपति के साथ कुछ भी हो, हम प्रदर्शन जारी रखेंगे। हमारी संख्या बढ़ती रहेगी। लोग सैन्य तख़्तापल्ट और तानाशाही के ख़तरे को समझने लगे हैं।”
वहीं एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे कोई समस्या खड़ा करना नहीं चाहते केवल पूर्व राष्ट्रपति के हालत पर ध्यान खींचना चाहते हैं।
मोहम्मद कमल का कहना था, “सब लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, इन्हें पूरा हक़ है। नई सरकार अवैध है...उसे लोगों की बात सुननी चाहिए। मीडिया में भी इसे नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया हमारी आवाज़ लोगों तक पहुंचाएगा।”
बीबीसी की यासमीन अबू खदरा ने काहिरा से बताया है कि फिलहाल वहाँ शांति है और लोगों ने अपने सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं।
इस बीच सरकारी एजेंसी मीना के मुताबिक सिनाई में सुरक्षाबलों ने 10 चरमपंथियों को मार दिया और 20 को पकड़ा है। सिनाई में पिछले कुछ हफ़्तों में चरमपंथियों ने हमले तेज़ कर दिए हैं।