अब कपड़ों से मोबाइल फोन और टेबलेट चार्ज किए जा सकेंगे। नॉटिंग्घम ट्रसेंट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ऐसा सोलर पैनल बनाया है जिसे कपड़े की जेब में लगाया जाएगा। जैसे ही मोबाइल की बैट्री खत्म होगी और कोई भी डिवाइस को जेब में रखेगा उसी समय वह चार्ज हो जाएगा।
जब कुंडलित तार में पावर सप्लाई होती है, तब वह इसमें लगे चुंबक के चारों ओर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड पैदा करती है। इससे आसपास रखे इलेक्ट्रिक गैजेट को चार्ज किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने भी इसी कांसेप्ट को आधार बनाया है। वैज्ञानिकों ने कपड़ों में लगने वाली वायरलेस सोलर चिप बनाई चार्जिंग डाक चिप तीन मिमी लंबी और 105 मिमी चौड़ी है।
इंग्लैंड की नॉटिंघम ट्रसेंट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने कपड़े की जेब में लगने वाली सोलर पैनल चिप बनाई है, जो मोबाइल चार्जर का काम करेगी। इसका नाम 'चार्जिंग डाक' रखा गया है। इसकी खासियत यह है कि इसमें प्लग सॉकेट का इस्तेमाल नहीं होगा। यह छोटा सोलर पैनल होगा। यह पैनल तीन मिमी लंबा और 1.5 मिमी चौड़ा है। इस तकनीक का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर तिलक डायस ने कहा- यह पद्धति पर्यावरण के अनुकूल होगी।