इराक के मध्य और दक्षिणी इलाकों में हुए सिलसिलेवार कार बम धमाकों में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं।
पुलिस और राहत कार्य में जुटे लोगों के मुताबिक ये धमाके कुट, महमूदिया, नसीरिया और बसरा शहरों में हुए हैं। बताया जाता है कि ये धमाके शिया बहुल इलाकों में हुए हैं।
इराक में इस तरह के जानलेवा हमलों की घटनाएं आए दिन होती रहती हैं।
ताजा बम धमाके से इस बात की आशंका को बल मिला है कि मजहबी गुटों की आपसी लड़ाई से खूनखराबे के दौर की वापसी हो सकती है।
जून 2008 के बाद से ही इराक में पिछले महीने सबसे ज्यादा हिंसा हुई है। जिसमें एक हजार से ज्यादा आम नागरिक और सुरक्षा कर्मी मारे गए।
शिया सुन्नी विवाद
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक पुलिस ने बताया कि कुट शहर के पास ये जानलेवा धमाके हुए हैं।
घटनास्थल एक औद्योगिक क्षेत्र था जहां पार्किंग में खड़ी दो कारों में ये धमाका हुआ। पास ही कई श्रमिक भी खड़े थे।
बसरा शहर में भी एक भीड़-भाड़ भरे रास्ते पर दो कारों में धमाका हुआ जिसमें पांच लोग मारे गए।
दूसरा धमाका उस वक्त हुआ जब बचाव कर्मी घटनास्थल पर राहत कार्य के लिए पहुंचे ही थे।
बम धमाकों की अभी तक किसी भी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन शियाओं और सुन्नियों के बीच तनाव पिछले साल से ही बढ़ रहा है।
इराक में शिया मुसलमान ज्यादा संख्या में हैं और सरकार की अगुवाई भी उन्हीं के पास है जबकि सुन्नियों की संख्या शियाओं की बनिस्बत कम है।
सुन्नी समुदाय प्रधानमंत्री नू-अल-मलिकी की सरकार पर उनके साथ भेद-भाव का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।