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दक्षिण कोरिया के PM ने दिया इस्तीफा

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दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री जंग हुन वान ने इस्तीफ़ा दे दिया है। उनका ये इस्तीफ़ा हाल में हुई नौका दुर्घटना और सरकार ने उसके संबंध में जिस तरह के क़दम उठाए थे उसको लेकर है।
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दुर्घटना में कम से कम 200 लोगों के डूबने की पुष्टि हो चुकी है जबकि अभी भी 100 से ज़्यादा लोग लापता हैं। जंग हुन वान ने कहा कि इतना सबकुछ होने के बाद पद पर बने रहना बहुत बड़ा बोझ होगा।

नौका डूबने के बाद जब वान घटना स्थल पर गए थे तो यात्रियों के रिश्तेदारों ने ज़बरदस्त विरोध जताया था। दुर्घटना में मारे जाने वालों में स्कूली छात्रों की काफ़ी तादाद थी। ग़ोताख़ोर अभी भी डूब गए लोगों की लाश को तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं।
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यात्रियों के परिवार में ग़ुस्सा

इस मामले में चालक दल के सभी सदस्यों को आपराधिक लापरवाही के आरोप में हिरासत में लिया गया है। अभियोजन पक्ष ने चालक दल के चार अतिरिक्त सदस्यों का गिरफ़्तारी वारंट मांगा है। कप्तान समेत ग्यारह सदस्यों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।

16 अप्रैल को दक्षिण कोरिया के नज़दीक समुद्र में डूबे सेवोल नाम के इस जहाज़ में 476 लोग सवार थे। ज़्यादातर पीड़ित दक्षिण सियोल के डेनवॉन हाई स्कूल के छात्र और शिक्षक थे। यह जहाज़ जेजू द्वीप जाते वक़्त डूबा था।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक चालक दल के पंद्रह सदस्यों पर आपराधिक लापरवाही और यात्रियों की मदद न करने के आरोप में मुक़दमे चलाए जाएंगे।

लापरवाही के लगे आरोप

हाल में सियोल गए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस हादसे में डूबे बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। दक्षिण कोरिया की सरकार का कहना है कि राहत कार्य में तमाम संभव संशाधन लगा दिए गए हैं। वहीं यात्रियों के रिश्तेदारों ने यह शिकायत की है कि राहत प्रक्रिया की रफ़्तार धीमी है।

वान ने कहा, "मैं पहले ही इस्तीफ़ा देना चाहता था लेकिन मौजूदा हालात का प्रबंधन करना पहली प्राथमिकता थी इसलिए मैंने सोचा कि पद छोड़ने से पहले मदद करना मेरी ज़िम्मेदारी है।"

उनका कहना था, "लेकिन मैंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला कर लिया है और अब मैं प्रशासन के लिए बोझ नहीं बनना चाहता।"
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राहत बचाव का काम जारी

एक तटरक्षा प्रवक्ता का कहना है कि तेज हवाओं की वजह से समुद्र की लहरों में तेज़ी रही जिससे राहत-बचाव कार्य में काफी मुश्किल आई।

प्रवक्ता का कहना है, "ख़राब मौसम की वजह से हालात अच्छे नहीं हैं लेकिन हमने खोज की कोशिश जारी रखी है।" उनका कहना था कि रविवार के राहत अभियान में 93 ग़ोताख़ोर हिस्सा लेंगे।
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