बांग्लादेश में दो विपक्षी नेताओं को युद्ध अपराध के अभियोग में फांसी दे दी गई है। सलाहुद्दीन कादिर चौधरी और अली अहसान मोहम्मद मुजाहिद पर 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए स्वतंत्रता युद्ध के दौरान युद्ध अपराध का आरोप था।
अदालत ने इन दोनों को नरसंहार और बलात्कार का दोषी करार दिया गया था। इस महीने की शुरूआत में सर्वोच्च अदालत ने इनकी सजा को बरकरार रखा था।
बांग्ला देश के गृहमंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं की दया याचिकाएं राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थीं और उसके तुरंत बाद दोनों को फांसी दे दी गई। संसद में एक समय काफी प्रभावशाली नेता रहे चौधरी को हत्या और प्रताड़ना के लिए दोषी ठहराया गया था।
चौधरी छ बार सासंद रह चुके थे और अली मुजाहिद बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के बड़े नेताओं में से एक थे।
मुजाहिद को कई बड़े बुद्धिजीवियों की हत्या का दोषी ठहराया गया था। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने इन दोनों की फांसी पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि इनके मुकदमों की सुनवाई निष्पक्ष नहीं हुई है।