बता दें कि लिट्टे के खिलाफ सैन्य संघर्ष के दौरान वर्ष 2008 से 2009 के बीच 11 युवक लापता हो गए थे। विजेगुनारत्ने पर युवकों को गायब करने के मामले में मुख्य संदिग्ध को सुरक्षा देने और उसे सुरक्षित देश से बाहर भेजने का आरोप है।
माना जाता है कि लापता लोगों की हत्या की जा चुकी है। वहीं लापता लोगों के परिजनों का आरोप है कि इस घटना के पीछे श्रीलंका प्रशासन, मुख्य रूप से सेना, नौसेना और पुलिस का हाथ है। फिलहाल इस मामले में कई नौसेना अधिकारी जमानत पर हैं।