अभी हाल ही तालिबान लड़ाकों और अफगान सुरक्षा बलों ने एक-दूसरे को गले लगाया और साथ में तस्वीरें ली। तो थोड़े समय में ही नांगरहार प्रांत में एक धमाके ने इन तस्वीरों को फिर संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। इस धमाके को आतंकी आत्मघाती हमला समझा जा रहा है, बता दें कि इस घटना में अभी तक 17 लोगों के मारे जाने की खबर है।
दरअसल, ईद के दूसरे दिन भी देश में संघर्ष विराम जारी रहा। अपने-अपने हथियार और रॉकेट लॉंचर लिए अफगानिस्तान के सबसे बड़े आतंकी संगठन के सदस्य कार और मोटरबाइक से नांगरहार प्रांत के बाटीकोट जिले से होकर गुजरे। लेकिन हमले के बाद फिर एक बार अफगान सरकार तालिबानियों पर संदेह कर रही है।
खबर है कि तालिबानी गाड़ी में ये धमाका हुआ, सीजफायर पर ईद मिलन के समय इस हमले के पीछे दूसरे आतंकी संगठन का भी हाथ हो सकता है। अफगान सरकार ने खुलकर तो नाम नहीं लिया है लेकिन उसे आतंकी संगठन दाइश पर भी शक है।