चीन में 100 वर्षीय जाओ शुनजिन ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसे सुनकर आप चौंक उठेंगे। सौ साल पूरे होती ही जाओ ने पढ़ने-लिखने की इच्छा जताई तो उनका परिवार भी पूरे सम्मान के साथ उनकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए जुट गया।
जाओ के 70 वर्षीय बेटे लूओ रोंगशेग ने देर ना करते हुए पड़ोस की एक कमेटी से इसकी चर्चा की जिसके बाद जाओ ने अगले 10 दिन तक चले एक प्रोग्राम के तहत पढ़ना-लिखना शुरु किया। जाओ हर रोज दो घण्टे पढ़ना और लिखना सीखती थी। जाओ ने सबसे पहले अपना नाम लिखना ही सीखा।
जाओ का कहना है कि सौ साल पहले ज्यादा लोग पढ़ते लिखते नहीं थे। लेकिन इस जमाने में सबको पढ़ा लिखा देखकर देर से ही सही लेकिन उन्होंने भी साक्षर होने की जिद ठान ली जो उनके जिंदा रहते पूरी हो गई।