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Report: चीन में आर्थिक मंदी से अंतरराष्ट्रीय नेताओं और निवेशकों की बढ़ी चिंता, युवा बेरोजगारी की स्थिति बदतर

Sat, 02 Sep 2023 03:40 PM IST
देव कश्यप एएनआई, बीजिंग (चीन)।

सार

मुद्दा यह है कि इस साल की शुरुआत में कोविड लॉकडाउन हटने के बाद गतिविधियों में तेजी से वृद्धि के बाद विकास की गति रुक गई है। उपभोक्ता कीमतें गिर रही हैं, रियल एस्टेट संकट गहरा रहा है और निर्यात में गिरावट आ रही है।
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चीन में आर्थिक मंदी। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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चीन की आर्थिक मंदी ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं और निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से यह जानकारी दी है। दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था खुद संकट में है। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक (एचएसआई) शुक्रवार को मंदी के बाजार में नीचे आ गया, यह जनवरी में अपने हालिया शिखर से 20 प्रतिशत से अधिक तक गिर गया।

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पिछले हफ्ते चीनी युआन 16 वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया था। जिसके बाद अनुमानित बाजार मूल्य की तुलना में डॉलर के लिए बहुत अधिक दर निर्धारित करके केंद्रीय बैंक को अपनी मुद्रा की सबसे बड़ी रक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया। मुद्दा यह है कि इस साल की शुरुआत में कोविड लॉकडाउन हटने के बाद गतिविधियों में तेजी से वृद्धि के बाद विकास की गति रुक गई है। उपभोक्ता कीमतें गिर रही हैं, रियल एस्टेट संकट गहरा रहा है और निर्यात में गिरावट आ रही है।

युवाओं में बेरोजगारी की स्थिति बदतर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं में बेरोजगारी की स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि सरकार ने डाटा प्रकाशित करना बंद कर दिया है। चीन में एक प्रमुख गृहनिर्माता और एक प्रमुख निवेश कंपनी ने हाल के सप्ताहों में अपने निवेशकों को भुगतान नहीं किया है, जिससे यह आशंका फिर से पैदा हो गई है कि हाउसिंग बाजार की निरंतर गिरावट से वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस उपायों की कमी और संक्रमण की आशंकाओं ने विकास दर में गिरावट का एक नया दौर शुरू कर दिया है। कई प्रमुख निवेश बैंकों ने चीन की आर्थिक वृद्धि के अपने पूर्वानुमानों को घटाकर पांच प्रतिशत से नीचे कर दिया है। 

यूबीएस विश्लेषकों ने सोमवार के शोध नोट में लिखा, हमने चीन की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटा दिया है... क्योंकि प्रोपर्टीज का संकट गहरा गया है, बाहरी मांग और कमजोर हो गई है और नीतिगत सपोर्ट अपेक्षा से कम रहा है। नोमुरा, मॉर्गन स्टेनली और बार्कलेज के शोधकर्ताओं ने पहले ही अपने पूर्वानुमानों में कटौती कर दी थी। इसका मतलब है कि चीन अपने आधिकारिक विकास लक्ष्य लगभग 5.5 प्रतिशत से चूक सकता है। मीडिया रिपोर्ट अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में यह चीनी नेतृत्व के लिए शर्मिंदगी की बात होगी।

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