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Report: हिजबुल्ला प्रमुख की मौत पर बड़ा दावा, ईरानी जासूस ने इस्राइल को दी थी नसरल्ला के ठिकाने की जानकारी

Mon, 30 Sep 2024 09:15 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

हिजबुल्ला के खिलाफ इस्राइल की हालिया सफलताओं में उसके खुफिया तंत्र का काफी योगदान रहा है। 2006 के संघर्ष के बाद इस्राइल ने अपनी इंटेलिजेंस एजेंसी को और मजबूत किया है। 
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हसन नसरल्ला - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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इस्राइल ने लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले कर हाल ही में हिजबुल्ला प्रमुख सयैद हसन नसरल्ला का खात्मा कर दिया। अब इसे लेकर एक बड़ी और हैरान करने वाली जानकारी सामने आ रही। बताया जा रहा कि बेरूत में हवाई हमले में मारे जाने से कुछ घंटे एक ईरानी जासूस ने इस्राइली अधिकारियों ने उसके ठिकाने की सूचना दी थी। फ्रांस के एक अखबार में यह दावा किया गया है। 
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रिपोर्ट में लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र का भी हवाला दिया गया है। सूत्र ने अखबार को बताया, जासूस ने इस्राइली अधिकारियों को बताया था कि नसरल्ला संगठन के कई शीर्ष सदस्यों के साथ बैठक में भाग लेने वाला है। बैठक बेरूत के दक्षिण में हिजबुल्ला के अंडरग्राउंड मुख्यालय में होने वाली है।

बता दें, इस्राइल की सेना आईडीएफ ने शनिवार को करीब डेढ़ बजे सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था कि 'हसन नसरल्ला अब कभी दुनिया को आतंकित नहीं कर पाएगा'।
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इस्राइल की सफलता में उसके खुफिया तंत्र का योगदान
एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्ला के खिलाफ इस्राइल की हालिया सफलताओं में उसके खुफिया तंत्र का काफी योगदान रहा है। 2006 के संघर्ष के बाद इस्राइल ने अपने इंटेलिजेंस एजेंसी को और मजबूत किया है। तब ये संघर्ष संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता के बाद रुक सका था। बाद के सालों में इस्राइल ने हिजबुल्ला के नेतृत्व और रणनीति के बारे में जानकारी जमा करने के लिए इंटेलिजेंस सिस्टम में ज्यादा संसाधन लगाए

यह भी चौंकाने वाला दावा
रिपोर्ट के मुताबिक नसरल्ला को मारने के अभियान में जरूरी जानकारी सैनिकों और वायु सेना तक जल्दी से जल्दी पहुंच जाए, इसके लिए इन संगठनों के भीतर ही नई टीमें बनाई गई थीं। इस्राइल की सिग्नल इंटेलिजेंस एजेंसी यूनिट 8200 ने हिजबुल्ला के सेलफोन और अन्य संचार को बेहतर ढंग से इंटरसेप्ट करने के लिए अत्याधुनिक साइबर उपकरण बनाए। नतीजा पेजर और वॉकी-टॉकी हमला रहा, जिसमें हिजबुल्ला के बहुत सारे लोग मारे गए थे।

नसरल्ला ने क्या कहा था?
हालिया भाषण में नसरल्ला ने भी ये बात मानी थी कि इस्राइल के पेजर और वॉकी-टॉकी हमले से उसके कई लोग मारे गए। उसे एक झटका लगा है। इन दो दिनों के हमलों में 37 लोग मारे गए और लगभग 3,000 लोग घायल हुए थे। एफपी की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनानी जांच में पाया गया कि पेजरों में बम लगा हुआ था। 

नेतन्याहू अभियान पर रख रहे थे खुद निगरानी 
पीएम नेतन्याहू ने नसरल्ला की मौत को इस्राइल की सैन्य रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और इस्राइल की उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा बहाल करने की दिशा में एक कदम बताया। नसरल्ला को ढेर करने के बाद अपने देश को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा था कि नसरल्ला इस्राइल के लोगों और विदेशी नागरिकों पर कई हमलों की साजिश रचने के लिए जिम्मेदार था, जिसमें 1980 के दशक में हाई-प्रोफाइल बम विस्फोट भी शामिल थे।



28 सितंबर को हुई थी पुष्टि
बीते lशुक्रवार को लेबनान के बेरूत में इस्राइली हवाई हमले में हिजबुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला के मारे जाने की सुगबुगाहट उसी वक्त शुरू हो गई थी, जब ये जानकारी सामने आई थी कि इस्राइली सेना ने हिजबुल्ला के मुख्यालय को निशाना बनाया है। साथ ही हमले के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अपना अमेरिका दौरा बीच में छोड़कर ही इस्राइल के लिए रवाना हो गए थे। उसके बाद से ही हिजबुल्ला के शीर्ष नेता के मारे जाने के कयास लगाए जा रहे थे। बाद में शनिवार को इस्राइली सेना ने हसन नसरल्ला की मौत की पुष्टि कर इन कयासों को सच साबित कर दिया था।
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