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Hottest January: जनवरी 2025 में पड़ी रिकॉर्ड गर्मी; मार्च तक 'ला नीना' का प्रभाव पूरी तरह खत्म होने का अनुमान

Thu, 06 Feb 2025 11:14 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ईयू

सार

इतिहास के आंकड़ों को देखें तो यह पहली बार है जब अल नीनो का प्रभाव के खत्म होने के बाद भी जनवरी के तापमान में रिकॉर्ड बढोतरी दर्ज की गई है। नए आंकड़ों के बाद वैज्ञानिकों में इस बात को लेकर मंथन शुरू हो गया है कि अन्य कौन से कारक गर्मी को  शीर्ष स्तर तक पहुंचा सकते हैं।
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जनवरी में रिकॉर्ड गर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ला नीना के प्रभाव के चलते वैज्ञानिकों को 2025 का तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद थी, लेकिन जनवरी में दर्ज किए गए तापमान ने इस धारणा को गलत साबित किया। इस बीच यूरोप के जलवायु मॉनिटर कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की रिपोर्ट में मौसम के तापमान को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। इसमें बताया गया है कि जनवरी 2025 अब तक का सबसे गर्म जनवरी साबित हुआ। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस महीने का औसत तापमान पूर्व- औद्योगिक युग (1850-1900) के मुकाबले 1.75 डिग्री सेल्सियस के अधिक रहा।

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अल नीनो का प्रभाव के खत्म होने के बाद भी जनवरी के तापमान में रिकॉर्ड बढोतरी
इतिहास के आंकड़ों को देखें तो यह पहली बार है जब अल नीनो का प्रभाव के खत्म होने के बाद भी जनवरी के तापमान में रिकॉर्ड बढोतरी दर्ज की गई है। नए आंकड़ों के बाद वैज्ञानिकों में इस बात को लेकर मंथन शुरू हो गया है कि अन्य कौन से कारक गर्मी को  शीर्ष स्तर तक पहुंचा सकते हैं। बर्कले अर्थ के जलवायु वैज्ञानिक जेक हॉसफादर के मुताबिक जनवरी 2025 अप्रत्याशित रूप से अब तक का सबसे गर्म जनवरी रहेगा, जिसने 2024 के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

 

जैसी उम्मीद थी वैसा नहीं हुआ
कॉपरनिकस के जलवायु वैज्ञानिक जूलियन निकोलस ने इस बारे में बताया कि वैश्विक स्तर पर जनवरी में तापमान बढ़ोतरी को लेकर यही बात आश्चर्यचकित करती है। अल नीनो का प्रभाव खत्म होने के बाद भी वैश्विक तापमान पर इसका वह असर या कम से कम अस्थायी ब्रेक नहीं देख रहे हैं, जिसकी हम उम्मीद कर रहे थे। निकोलस ने यह भी बताया कि ला नीना के कमजोर होने की उम्मीद है।  उन्होंने कहा कि मार्च तक इसके पूरी तरह गायब हो जाने की भी संभावना है। 

 

इसके पहले सबसे गर्म जनवरी 2024, 2020 और 2016 में दर्ज किए गए थे। इनमें से 2024 और 2016 के दौरान अल नीनो सक्रिय था, जबकि 2020 में प्रशांत महासागर का तापमान अल नीनो की ओर संकेत कर रहा था। ईआरए5, जो कि कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस का डेटा सेट है, वैश्विक वायुमंडलीय स्थिति, समुद्री लहरों और भूमि सतह के विभिन्न तत्वों का रिकॉर्ड रखता है। इसे यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग (ईसीएमडब्ल्यूएफ) द्वारा साझा किया जाता है। यह डेटा 1940 से अब तक के जलवायु परिवर्तनों को दर्शाता है।

 
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वैश्विक तापमान सामान्य से अधिक
जनवरी के दौरान न केवल उत्तरी गोलार्ध बल्कि दक्षिणी गोलार्ध में भी तापमान सामान्य से अधिक रहा। जलवायु इतिहासकार एम. हेरेरा के अनुसार 31 जनवरी 2025 को जमैका और मेडागास्कर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान के रिकॉर्ड टूट गए। आमतौर पर ला नीना के दौरान तापमान में गिरावट देखने को मिलती है लेकिन इस बार इसके विपरीत हुआ है।
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