प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रायसीना डायलॉग के 10वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 17 से 19 मार्च तक चलेगा और इसमें दुनियाभर के नेताओं और विशेषज्ञों द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने आने वाले सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन होंगे। वे उद्घाटन सत्र में भाग लेंगे और 'कालचक्र' विषय पर मुख्य भाषण देंगे। रायसीना डायलॉग भारत का प्रमुख भू-राजनीतिक और भू-अर्थशास्त्र सम्मेलन है, जिसमें लगभग 125 देशों के प्रतिनिधि, मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, सैन्य कमांडर, उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़ी हस्तियां, शिक्षाविद, पत्रकार, रणनीतिक विशेषज्ञ और थिंक टैंक शामिल होंगे।
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ताइवान के सुरक्षा अधिकारी लेंगे हिस्सा
इस वर्ष के सम्मेलन में एक खास बात यह होगी कि ताइवान का एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी पहली बार इसमें भाग लेगा, जो दोनों पक्षों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है। इसके अलावा, क्यूबाई उप प्रधानमंत्री मार्टिनेज डियाज और फिलीपीन के विदेश मंत्री एनरिक ए. मनालो भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। बता दें कि इस सम्मेलन का आयोजन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय की साझेदारी में हो रहा है, जिसमें वैश्विक समस्याओं पर विचार-विमर्श और सहयोग के अवसरों की तलाश की जाएगी।
रायसीना डायलॉग में भाग लेने भारत पहुंचे ये नेता
लक्ज़मबर्ग के उपप्रधानमंत्री (डीपीएम) जेवियर बेटेल रायसीना डायलॉग 2025 में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। साथ ही स्लोवेनिया की विदेश मंत्री तान्जा फाजोन भी इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुंच गई हैं। इसको लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संबंध में ट्वीट किया और कहा कि रायसीना डायलॉग 2025 के लिए और अधिक नेताओं का भारत में आगमन हुआ। लक्जमबर्ग के उपप्रधानमंत्री जेवियर बेटेल और स्लोवेनिया के विदेश मंत्री तान्जा फाजोन का भारत में स्वागत है।
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रायसीना डायलोग का उद्देश्य
गौरतलब है कि रायसीना डायलॉग का उद्देश्य वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसरों का पता लगाना है। इस साल के सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और दुनिया के सबसे बड़े चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
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