उत्पादन का कार्य रोजगार पैदा करता है
उन्होंने कहा कि पश्चिम, अमेरिका, यूरोप और भारत ने उत्पादन के विचार को शायद पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने इसे चीन के हवाले कर दिया है। उत्पादन का कार्य रोजगार पैदा करता है। हम जो करते हैं, अमेरिकी जो करता है, पश्चिम जो करता है, वह यह है कि हम चीनमें बनी चीजों का इस्तेमाल कैसे किया जाए? इसे व्यवस्थित करते हैं। भारत को उत्पादन के कार्य और उत्पादन को व्यवस्थित करने के बारे में सोचना होगा।
भारत को विनिर्माण के बारे में सोचना होगा
उन्होंने विनिर्माण को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया। राहुल ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि भारत बस यह कहे कि ठीक है, विनिर्माण कह लें या उत्पाद कह लें, उस पर चीन का अधिकार होगा। वियतनामियों का अधिकार होगा। बांग्लादेश का अधिकार होगा। हमें इस बारे में सोचना होगा।
कई सामाजिक समस्याओं को देखेंगे
राहुल ने कहा कि जब तक हम ऐसा नहीं करेंगे, हमें बेरोजगारी की बढ़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा, और साफ है कि इससे काम नहीं चलेगा। इसलिए आप देखेंगे कि यदि हम विनिर्माण को भूलने के इस रास्ते पर चलते रहेंगे तो आप भारत, अमेरिका और यूरोप में कई सामाजिक समस्याओं को देखेंगे। हमारी राजनीति का ध्रुवीकरण इसी वजह से है। बहुत से लोग कहते हैं कि भारत में कौशल की समस्या है। मुझे नहीं लगता कि भारत में कौशल की कोई समस्या है। मुझे लगता है कि भारत में ऐसे लोगों के लिए सम्मान नहीं है।
शिक्षा प्रणाली को व्यवसाय प्रणाली से जोड़ने की जरूरत
राहुल ने कहा कि व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा प्रणाली को व्यवसाय प्रणाली से जोड़ने की जरूरत है। उस अंतर को पाटना जरूरी है। व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से इन दो प्रणालियों, कौशल और शिक्षा को जोड़ने की जरूरत है। मुझे लगता है कि वर्तमान में शिक्षा प्रणाली के साथ बड़ी समस्या वैचारिक कब्जा है, जहां विचारधारा को इसके माध्यम से परोसा जा रहा है।
चीन का मुकाबला कर सकता है भारत
उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत, चीन का मुकाबला कर सकता है, अगर वह उत्पादन के लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दे और कौशल का सम्मान करना शुरू कर दे। तमिलनाडु जैसे राज्यों ने पहले ही यह कर दिखाया है। ऐसा नहीं है कि भारतीय राज्यों ने ऐसा नहीं किया है। पुणे ने यह कर दिखाया है। महाराष्ट्र ने यह कर दिखाया है। बस समस्या यह है कि यह उस पैमाने और समन्वय के साथ नहीं किया जा रहा है, जिसकी जरूरत है।