रूस यूक्रेन युद्ध पर भारत सरकार का रुख साफ है कि बातचीत और कूटनीति के जरिए इस संकट का समाधान होना चाहिए। पश्चिम के दबाव के बावजूद रूस के कदम की खुलकर आलोचना करने से भारत ने परहेज किया है लेकिन ये भी स्पष्ट कहा है कि यह युग, युद्ध का युग नहीं है।
राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं और वहां वह अपने कार्यक्रमों में केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला कर रहे हैं। हालांकि अब एक दुर्लभ मामले में राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार का समर्थन किया है। राहुल गांधी ने रूस-यूक्रेन युद्ध में केंद्र की मोदी सरकार के स्टैंड का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भी इस मुद्दे पर ऐसा ही करती।
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राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के कदम का किया समर्थन
गुरुवार को वॉशिंगटन स्थित नेशनल प्रेस क्लब में राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उनसे पूछा गया कि यूक्रेन युद्ध के चलते कांग्रेस के रूस के साथ द्विपक्षीय संबंध कैसे होते? इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि 'भारत के रूस के साथ संबंध बेहद पुराने हैं। मैं भी वैसा ही स्टैंड लेता, जैसे भाजपा सरकार ने लिया है। हम भी इसी तरह प्रतिक्रिया देते क्योंकि भारत के रूस के साथ मजबूत संबंध रहे हैं और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता। हमारी नीति भी ऐसी ही होती'
रूस-यूक्रेन युद्ध पर ये है भारत का स्टैंड
बता दें कि रूस यूक्रेन युद्ध पर भारत सरकार का रुख साफ है कि बातचीत और कूटनीति के जरिए इस संकट का समाधान होना चाहिए। पश्चिम के दबाव के बावजूद रूस के कदम की खुलकर आलोचना करने से भारत ने परहेज किया है लेकिन ये भी स्पष्ट कहा है कि यह युग युद्ध का युग नहीं है और बातचीत के जरिए दोनों देशों को इसका समाधान निकालना चाहिए। पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी बात की है।
भारत और रूस के संबंध बेहद मजबूत
भारत अभी भी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए रूस पर काफी निर्भर है। साथ ही भारत और रूस के संबंध काफी मजबूत रहे हैं। यही वजह है कि भारत ने यूक्रेन पर हमले के लिए रूस की आलोचना नहीं की है। रूस ने फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला किया था और अभी तक इस लड़ाई में हजारों जानें जा चुकी हैं। बीते दिनों जापान में हुए जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात भी हुई थी। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने कहा था कि इस संघर्ष को सुलझाने के लिए भारत जो कर सकता है करेगा।