बोइंग 747-8 इंटरकॉन्टिनेंटल
- फोटो : boeing.com
ट्रंप का नजरिया- गिफ्ट क्यों न लें?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये विमान गिफ्ट के तौर पर लेने का बचाव करते हुए कहा, 'कुछ लोग कहते हैं कि देश के लिए गिफ्ट नहीं लेने चाहिए, लेकिन मेरा मानना है – क्यों न लें? जब हम सबको देते हैं, तो खुद क्यों न लें?' ट्रंप का तर्क है कि खाड़ी देशों के पास अमेरिका से भी बड़े और नए विमान हैं, इसलिए अमेरिका को भी सबसे शानदार विमान होना चाहिए।
चारों तरफ हो रही ट्रंप की आलोचना
बता दें कि, राष्ट्रपति ट्रंप को इस गिफ्ट के लिए न सिर्फ विरोधियों बल्कि अपने समर्थकों से भी आलोचना झेलनी पड़ रही है। दक्षिणपंथी बेन शापिरो ने कहा, 'अगर यही गिफ्ट हंटर बाइडन और जो बाइडन को मिला होता, तो हम सब उग्र हो जाते।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप ने ‘स्वैम्प खत्म करने’ का वादा किया था, लेकिन यह काम उस वादे के विपरीत है। दूर-दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर ये सच है, तो यह ट्रंप प्रशासन पर बड़ा दाग होगा – और मैं यह एक ट्रंप समर्थक के तौर पर कह रही हूं जो उनके लिए गोली तक खा सकती है।'
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ट्रंप के लिए गिफ्ट ठुकराना भी जोखिम भरा
अरब संस्कृति में उपहार देना सम्मान और दोस्ती का प्रतीक माना जाता है। इसलिए अगर अमेरिका इस विमान को ठुकरा देता है, तो यह कतर और अन्य अरब देशों के लिए अपमानजनक माना जा सकता है – खासतौर पर तब जब कतर गाजा संघर्ष को खत्म करने में मदद कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में मौजूद 'सेंटर फॉर इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टडीज' के प्रमुख डेर डेरियन के मुताबिक, 'इसलिए यह विमान सिर्फ एक तकनीकी मामला नहीं, बल्कि एक प्रतीक बन चुका है। अगर इसे ठुकराया गया, तो न सिर्फ अमेरिका-कतर संबंध, बल्कि अरब देशों के साथ रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है।'
कतर की भूमिका और कूटनीतिक पेच
कतर अमेरिका का पुराना सहयोगी देश है। हाल ही में, कतर मिस्र के साथ मिलकर गाजा में इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, कतर में हमास का राजनीतिक दफ्तर भी है – जो अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ाता है। जेम्स डेर डेरियन कहते हैं, 'कतर कोई सोवियत संघ तो नहीं है, लेकिन इसकी खुफिया एजेंसियां काफी सक्रिय हैं और ये देश अपनी ताकत से ज्यादा असर डालता है।'