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Trump: कतर के गिफ्ट से अमेरिकी खुफिया विभाग में खलबली; जानें लग्जरी विमान की खासियत, यह चिंता का सबब क्यों?

Wed, 14 May 2025 11:45 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

Qatar Gift To Donald Trump: अरब देश कतर की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आलीशान विमान गिफ्ट के तौर पर दिया जा रहा है। लेकिन इसे लेकर अमेरिकी खुफिया विभाग में खतरे की घंटी बज रही है। वहीं ट्रंप के लिए गिफ्ट लेना और ना लेना दो ही बड़ी मुश्किल की स्थिति बन रही है।
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ट्रंप के गले की फांस बना कतर का गिफ्ट? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कतर की ओर से भेंट में एक बेहद शानदार बोइंग 747 जेट विमान की पेशकश ने अमेरिका की खुफिया विभाग में खलबली मचा दी है। इस उपहार को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के विशेषज्ञ गंभीर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा कोई भी उपहार, विशेष रूप से किसी विदेशी सरकार की ओर से, जासूसी, निगरानी और संचार प्रणालियों में सेंधमारी का बड़ा खतरा बन सकता है।
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क्या है ये विमान और कौन दे रहा है?
यह विमान एक बोइंग 747 जंबो जेट है, जिसे साल 2012 में कतर के पूर्व प्रधानमंत्री और कतर की शाही फैमिली के अमीर सदस्य हमाद बिन जसीम बिन जबेर अल थानी के लिए तैयार किया गया था। यह विमान अंदर से एक आलीशान महल की तरह सजा हुआ है – फ्रेंच डिजाइन वाली इंटीरियर, हाथ से बनी हुई कालीनें, कीमती लकड़ियों का इस्तेमाल और मशहूर कलाकार अलेक्जेंडर काल्डर की कलाकृतियां। इस विमान में ऊपर एक मास्टर बेडरूम, बाथरूम, गेस्ट रूम और प्राइवेट लाउंज है। नीचे के हिस्से में ऑफिस, क्रू एरिया और कई लग्जरी लॉन्ज बने हैं। ये लगभग 89 लोगों के बैठने की क्षमता वाला विशेष विमान है।

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एयरफोर्स वन - फोटो : boeing.com
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को डर है कि यह विमान ट्रंप की जासूसी के लिए इस्तेमाल हो सकता है। सीआईए के पूर्व अधिकारी थैड ट्रॉय का कहना है, 'अगर हम जानते कि यह विमान किसी विदेशी नेता को दिया जाना है, तो हम जरूर इसमें निगरानी उपकरण लगाते।' वह सोवियत संघ के दौर में मॉस्को में अमेरिका के दूतावास में लगी छिपी जासूसी डिवाइसों को याद करते हुए बताते हैं कि ऐसी चीजे आम हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस विमान को अमेरिकी राष्ट्रपति के स्तर पर इस्तेमाल करने के लिए एयर फोर्स वन जैसी सुरक्षा सुविधाओं से लैस करना होगा। इसमें विस्फोटों से बचने के लिए कवच, हवा में ईंधन भरने की सुविधा, खुफिया संचार प्रणाली, और हथियार प्रणाली जैसी जटिल तकनीकी बदलाव करने होंगे – जिसमें महीनों नहीं, सालों ले सकते हैं। ट्रॉय ने कहा, इसके अलावा, इस विमान को पूरी तरह खोलकर हर हिस्से की जांच करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसमें कोई ट्रैकिंग डिवाइस या जासूसी उपकरण नहीं लगा हो। यही वजह है कि 'एयर फोर्स वन को बनाने में इतना समय लगता है।
 
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बोइंग 747-8 इंटरकॉन्टिनेंटल - फोटो : boeing.com
ट्रंप का नजरिया- गिफ्ट क्यों न लें?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये विमान गिफ्ट के तौर पर लेने का बचाव करते हुए कहा, 'कुछ लोग कहते हैं कि देश के लिए गिफ्ट नहीं लेने चाहिए, लेकिन मेरा मानना है – क्यों न लें? जब हम सबको देते हैं, तो खुद क्यों न लें?' ट्रंप का तर्क है कि खाड़ी देशों के पास अमेरिका से भी बड़े और नए विमान हैं, इसलिए अमेरिका को भी सबसे शानदार विमान होना चाहिए।

चारों तरफ हो रही ट्रंप की आलोचना
बता दें कि, राष्ट्रपति ट्रंप को इस गिफ्ट के लिए न सिर्फ विरोधियों बल्कि अपने समर्थकों से भी आलोचना झेलनी पड़ रही है। दक्षिणपंथी बेन शापिरो ने कहा, 'अगर यही गिफ्ट हंटर बाइडन और जो बाइडन को मिला होता, तो हम सब उग्र हो जाते।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप ने ‘स्वैम्प खत्म करने’ का वादा किया था, लेकिन यह काम उस वादे के विपरीत है। दूर-दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर ये सच है, तो यह ट्रंप प्रशासन पर बड़ा दाग होगा – और मैं यह एक ट्रंप समर्थक के तौर पर कह रही हूं जो उनके लिए गोली तक खा सकती है।'

यह भी पढ़ें - Qatar Luxury Boeing Jet : कतर से उपहार में लग्जरी बोइंग जेट लेने की तैयारी में ट्रंप, पेशकश पर मिला ये जवाब

ट्रंप के लिए गिफ्ट ठुकराना भी जोखिम भरा
अरब संस्कृति में उपहार देना सम्मान और दोस्ती का प्रतीक माना जाता है। इसलिए अगर अमेरिका इस विमान को ठुकरा देता है, तो यह कतर और अन्य अरब देशों के लिए अपमानजनक माना जा सकता है – खासतौर पर तब जब कतर गाजा संघर्ष को खत्म करने में मदद कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में मौजूद 'सेंटर फॉर इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टडीज' के प्रमुख डेर डेरियन के मुताबिक, 'इसलिए यह विमान सिर्फ एक तकनीकी मामला नहीं, बल्कि एक प्रतीक बन चुका है। अगर इसे ठुकराया गया, तो न सिर्फ अमेरिका-कतर संबंध, बल्कि अरब देशों के साथ रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है।'

कतर की भूमिका और कूटनीतिक पेच
कतर अमेरिका का पुराना सहयोगी देश है। हाल ही में, कतर मिस्र के साथ मिलकर गाजा में इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, कतर में हमास का राजनीतिक दफ्तर भी है – जो अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ाता है। जेम्स डेर डेरियन कहते हैं, 'कतर कोई सोवियत संघ तो नहीं है, लेकिन इसकी खुफिया एजेंसियां काफी सक्रिय हैं और ये देश अपनी ताकत से ज्यादा असर डालता है।'

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