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पुतिन ने की पीएम मोदी की तारीफ: पश्चिमी देशों को चेताया, कहा- रूस पर किया हमला तो करेंगे हर हथियार का इस्तेमाल

Fri, 02 Oct 2026 03:20 AM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष समाप्त कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंधों के बावजूद पीएम मोदी लगातार युद्ध खत्म करने का मुद्दा उठाते हैं और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए विचार रखते हैं। वहीं, उन्होंने पश्चिमी देशों और यूरोप को खुली चेतावनी भी दे डाली।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और विचारों की सराहना की है। पुतिन ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन विश्व नेताओं में से एक हैं, जो हमारे बहुत अच्छे और यहां तक कि मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा व्यक्तिगत रूप से हमारे अच्छे संबंधों के बावजूद लगातार यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने का सवाल उठाते हैं और इसके बारे में पूछते हैं।''
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पुतिन ने कहा, "प्रधानमंत्री की इसमें गहरी रुचि है और उनके पास ऐसे बहुत अच्छे विचार हैं, जिनका उद्देश्य दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशना है। इस अर्थ में पीएम मोदी निश्चित रूप से तटस्थ रुख अपनाते हैं, लेकिन संघर्ष को समाप्त करने में उनकी दिलचस्पी है। मुझे लगता है कि मेरा यह बात सीधे तौर पर कहना मेरा कर्तव्य है। हम पीएम मोदी के विचारों के लिए उनके आभारी हैं। हम शांतिपूर्ण तरीकों से और जल्द से जल्द इस संघर्ष को समाप्त करने की उनकी इच्छा के लिए आभारी हैं।"

हमला हुआ तो करेंगे सभी हथियारों का इस्तेमाल :पुतिन
रूसी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब मॉस्को और नाटो के बीच तनाव को लेकर बयानबाजी तेज है। पुतिन ने गुरुवार को कहा कि रूस यूरोपीय देशों पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है, लेकिन अगर रूसी क्षेत्र पर सीधा हमला होता है तो रूस अपने पास मौजूद "सभी हथियारों" के इस्तेमाल के विकल्प पर विचार करेगा।
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विदेश नीति से जुड़े एक मंच पर पुतिन ने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं, बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और रूसी जहाजों को जब्त कर रहे हैं।

नाटो की किस हरकत पर भड़का रूस?
पुतिन का यह बयान मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें नाटो को कहा गया था कि अगर सैन्य गठबंधन के किसी सदस्य ने रूस के कालिनिनग्राद क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से अलग करने की कोशिश की तो रूस उसकी रक्षा के लिए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटेगा। रूस के कई यूरोपीय दूतावासों ने इस सप्ताह बयान जारी कर कहा कि मॉस्को के पास "जानकारी है कि नाटो कालिनिनग्राद और कालिनिनग्राद क्षेत्र की हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी की तैयारी कर रहा है।"

रूसी पक्ष ने यूरोपीय नेताओं पर "खतरनाक खेल खेलने" का आरोप लगाया। मॉस्को ने उन दावों को भी बेतुका बताया, जिनमें कहा जा रहा है कि रूस किसी अन्य देश पर हमला कर सकता है या ड्रोन और तोड़फोड़ के जरिये अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियां बढ़ा सकता है।

क्या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा रूस?
गुरुवार को वाल्दाई क्लब के मंच पर पुतिन से पूछा गया कि क्या रूस और नाटो युद्ध के करीब पहुंच गए हैं या दोनों एक-दूसरे को डराने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा, "यह डराने-धमकाने की बात नहीं है, बल्कि हमें डराने की कोशिश का जवाब है।"

पुतिन ने कहा कि नाटो को दी गई पिछली चेतावनी में "सब कुछ सही लिखा गया है।" उन्होंने कहा कि अगर रूस के खिलाफ सीधा हमला होता है, जिसमें कालिनिनग्राद या रूस का कोई अन्य क्षेत्र शामिल हो सकता है, तो देश के पास मौजूद सभी हथियारों के इस्तेमाल का सवाल "अनिवार्य रूप से और तुरंत" सामने आएगा।

हालांकि, पुतिन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि रूस के पास ऐसे हथियार हैं "जो किसी और के पास नहीं हैं" और हमला होने की स्थिति में यह तय किया जाएगा कि इनमें से किन हथियारों का इस्तेमाल किया जाए।

भारत के साथ आर्थिक गलियारों पर भी पुतिन का बयान
पुतिन ने भारत के साथ परिवहन और आर्थिक सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रूस ने एक चीनी कंटेनर जहाज और दक्षिण कोरियाई जहाज के साथ पायलट परियोजना की है और भारतीय मित्रों के साथ भी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि रूस इन संभावनाओं वाले अंतरराष्ट्रीय गलियारों के संयुक्त इस्तेमाल के पक्ष में है। पुतिन ने उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का भी उल्लेख किया और कहा कि इसका विकास केवल रूस पर निर्भर नहीं है।

पुतिन ने कहा कि रूस इस परियोजना के लिए ऋण संसाधन उपलब्ध कराने को तैयार है, लेकिन अभी ईरान को अपने हिस्से का काम पूरा करना है। उन्होंने कहा कि गलियारे का एक हिस्सा अजरबैजान से होकर जाएगा और इस मुद्दे पर राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ संपर्क है। पुतिन के अनुसार, इस मामले में कोई समस्या नहीं है और अजरबैजान भी सहमत है।

उन्होंने भारत के साथ लॉजिस्टिक्स के अलावा आर्थिक सहयोग की बड़ी संभावनाओं की भी बात कही। पुतिन ने कहा कि भारत के साथ आर्थिक सहयोग की क्षमता केवल परिवहन और लॉजिस्टिक्स तक सीमित नहीं है।

नाटो ने रूसी परमाणु बयानबाजी का विरोध किया
नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने बुधवार को पुष्टि की कि रूस ने अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन को एक लिखित संदेश भेजा है। उन्होंने कहा, "हम बल प्रयोग की धमकी, जिसमें गैर-जिम्मेदाराना परमाणु बयानबाजी भी शामिल है, की कड़ी निंदा करते हैं।" हार्ट ने कहा कि नाटो कालिनिनग्राद को निशाना नहीं बना रहा है। उन्होंने बताया कि गठबंधन ने अपने जवाब में कहा है कि "नाटो एक रक्षात्मक गठबंधन है और हमारी कोई भी गतिविधि या सैन्य अभ्यास रूस के किसी भी हिस्से के लिए खतरा पैदा नहीं करता।"

नाटो महासचिव मार्क रुटे ने बुधवार को कहा कि गठबंधन का जवाब "संक्षिप्त और स्पष्ट" था। यूरोन्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि नाटो ने रूस से परमाणु धमकी बंद करने को कहा है और इसे अनुचित तथा मददगार नहीं बताया। नाटो के जवाब में रूस से यूक्रेन के खिलाफ "बिना उकसावे के आक्रामक युद्ध" को रोकने की भी अपील की गई। यह युद्ध अब पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है।

कालिनिनग्राद पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित रूस का एक अलग क्षेत्र है। यहां रूस का बाल्टिक नौसेना का मुख्य अड्डा और अन्य सैन्य संसाधन मौजूद हैं। क्षेत्र में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस्कंदर मिसाइलें भी तैनात हैं। पश्चिमी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अगर रूस कभी किसी नाटो सहयोगी देश पर हमला करता है तो कालिनिनग्राद में मौजूद प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठान संभावित शुरुआती लक्ष्यों में शामिल हो सकते हैं।

हाल के महीनों में नाटो सहयोगी देशों ने बाल्टिक सागर क्षेत्र में कई सैन्य अभ्यास किए हैं। अक्टूबर में भी और अभ्यास प्रस्तावित हैं। नाटो ने पिछले साल संचार केबल और पाइपलाइनों की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में ऑपरेशन बाल्टिक सेंट्री शुरू किया था।

रुटे ने यूक्रेन के समर्थन पर जोर दिया
यूरोपीय नेताओं और खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जीतता है तो वह कुछ वर्षों के भीतर किसी अन्य देश पर हमला करने के लिए तैयार हो सकता है। रुटे ने यूरोन्यूज से कहा कि रूस यूक्रेन की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयास को कमजोर करने और पश्चिमी देशों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। रुटे के अनुसार, इसका जवाब यूक्रेन को और अधिक समर्थन देना है। उन्होंने कहा, "यही संदेश है। शांत रहें, काम जारी रखें और यूक्रेन के लिए समर्थन जारी रखें। इसी तरह हम इससे निपटते हैं।"
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