एफएसबी पर किताब
रूस में
एफएसबी को ये अधिकार है कि वो लोगों को अपराध के हालात पैदा करने के लिए चेतावनी दे सकता है। आंद्रेई सोल्दातोव और एरीना बोरोगन ने हाल ही में एफएसबी पर किताब लिखी है। किताब का नाम है 'द न्यू नोबिलिटी'। इस किताब में आंद्रेई और एरीना ने ये बताया है पुतिन ने एफएसबी का विस्तार किया है। उसके एजेंट्स विशेष अभियानों पर विदेश भेजे गए। इसमें खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का काम भी शामिल था। लेकिन ब्रिटेन के एमआईसिक्स (MI6) के तर्ज पर रूस के लिए विदेशों में खुफिया गतिविधियों को अंजाम देने का काम एक्सटर्नल इंटेलिजेंस सर्विस पर था। मिलिट्री स्पाई सर्विस के एजेंट भी विदे्शों से खुफिया सूचनाएं इकट्ठा करते हैं।
साइबर जासूसी
डॉक्ट्रिन ऑफ इन्फॉर्मेशन वारफेयर में एफएसबी रूस के लिए मोर्चा संभाले हुए है। उसका काम सोशल मीडिया पर पब्लिक ओपिनियन भी तैयार करना है।
अमेरिका में सरकारी अधिकारियों का ये मानना है कि रूस ने हैकिंग और गलत जानकारी फैलाकर 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की। मार्च, 2017 में अमेरिका ने एफएसबी के दो अफसरों पर याहू अकाउंट्स हैक करने और लाखों लोगों से जुड़े डेटा चोरी करने का आरोप लगाया। एफएसबी के ये अधिकारी थे डिमित्री डोकुचाएव और इगोल सुशचिन। एफएसबी को इंटरनेट पर निगरानी करने का कानूनी हक मिला हुआ है। आंद्रेई सोल्दातोव का कहना है कि रूस में टेलीकॉम सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनियों को एफ़एसबी को अपने नेटवर्क में सीधे एक्सेस देना होता है।
पुतिन से नजदीकी
सेंट्रल मॉस्को एफएसबी का मुख्यालय लुबियंका है। ये इमारत एफएसबी की ताकत का प्रतीक है। सोवियत संघ के जमाने में केजीबी इसी इमारत में राजनैतिक कैदियों से पूछताछ किया करती थी। एफएसबी के चीफ एलेक्जेंडर बोर्तनिकोव सीधे राष्ट्रपति पुतिन के लिए जवाबदेह हैं। साल 2000 में एफएसबी के तत्कालीन चीफ निकोलाई पात्रुशेव ने एफएसबी एजेंटों को "मॉडर्न नोबल" या "आधुनिक भद्र लोग" कहा था। राष्ट्रपति बनने के बाद पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के पुराने जासूसों को बड़े पदों पर बिठाया।
रूस की प्रमुख समाजशास्त्री ओल्गा क्रिश्तानोवस्काया कहती हैं, "हम पुतिन के नेतृत्व में केजीबी की पुरानी ताकत को फिर से बहाल होता हुआ देख रहे हैं। पुतिन जब पहली बार राष्ट्रपति बने थे तो उनकी टीम में ज्यादातर लोग सिलोविकी थे यानी पुराने जासूस।" रूस के क्रीमिया पर कब्जे से नाराज यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने मौजूदा वक्त में बोर्तनिकोव समेत ज्यादातर एलीट जासूसों पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। साल 1990 में जब विदेशी व्यापार की कमान पुतिन के हाथ में थी तब उनके पुराने सहयोगियों के नाम अपराध में लिप्त पाए गए थे। इनका ब्योरा अमेरिकी रिसर्चर केरेन डॉविशा की किताब 'पुतिन्स क्लेप्टोक्रेसी' में दिया गया है।
ये आरोप 'लित्विनेको इन्क्वायरी' और रूसी माफिया से सम्बन्धित एक प्रमुख स्पैनिश जांच में सामने आए थे। स्पैनिश वकील जोस ग्रिन्डा ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया था कि एफएसबी रूस में ऑर्गनाइज्ड क्राइम को कंट्रोल कर रही है।