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Russia Ukraine War: पुतिन के बीमार होने की उड़ती अफवाहों पर बेलारूस के राष्ट्रपति ने लगाया विराम, कहा- वह बिल्कुल स्वस्थ

Sun, 20 Mar 2022 04:49 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव

सार

पश्चिमी नेताओं ने पुतिन के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने का काफी विरोध किया था। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि पुतिन तर्कहीन हैं और डच प्रधान मंत्री मार्क रूट ने उन्हें पूरी तरह से पागल बताया है।
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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कुछ मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बीमार हो सकते हैं, इसके बाद पुतिन की मानसिक हालात तक लोगों ने सवाल उठाए थे लेकिन उनके करीबी सहयोगी बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि पुतिन स्वस्थ, समझदार और पहले से बेहतर हैं।

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उन्होंने कहा कि हमारे काफी करीबी संबंध हैं। साक्षात्कार में कहा कि मेरे पास जो भी मिलने को लेकर विवरण है जहां तकसंभव हो, वह गुप्त रहेगा। बता दें रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर अपने आक्रमण के लिए बेलारूसी क्षेत्र को लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल किया था। 

पश्चिमी नेताओं ने पुतिन के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने का काफी विरोध किया था। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि पुतिन तर्कहीन हैं और डच प्रधान मंत्री मार्क रूट ने उन्हें पूरी तरह से पागल बताया है।
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लुकाशेंको ने अपने इंटरव्यू में पुतिन पर उठाए गए बीमारी के सभी सवालों को खारिज कर दिया और कहा कि पश्चिम और आपको, इस मूर्खता, इस कल्पना को अपने दिमाग से निकाल देना चाहिए क्योंकि पुतिन बिल्कुल फिट हैं वह पहले से बेहतर हैं और वह पूरी तरह से समझदार, स्वस्थ व्यक्ति है, शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं वह एक एथलीट हैं।



लुकाशेंको ने 1991 में सोवियत संघ के टूटने पर भी शोक व्यक्त किया। इस विषय पर पुतिन ने अक्सर चर्चा की है, कम से कम जब उन्होंने आक्रमण से पहले भाषणों में सुझाव दिया था कि यूक्रेन एक कृत्रिम निर्माण था और रूसी इतिहास और संस्कृति का अनिवार्य हिस्सा था।

आगे लुकाशेंको ने कहा कि सोवियत संघ का पतन एक त्रासदी है। यदि सोवियत संघ आज तक जीवित रहता, तो हम दुनिया में सभी प्रकार के संघर्षों से बच सकते थे। जब सोवियत संघ अस्तित्व में था, दुनिया बहुध्रुवीय थी और एक ध्रुव दूसरे को संतुलित करता था। अब दुनिया में जो हो रहा है उसका कारण एकध्रुवीयता है।

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