फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान सुपुर्द-ए-खाक, जनाजे में शामिल हुए खूंखार आतंकी

Sat, 23 May 2026 12:41 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, इस्लामाबाद

सार

पुलवामा हमने का मास्टमाइंड हमजा बुरहान का सुपुर्द-ए-खाक हुआ। उसके जनाजे में कई खूंखार आतंकी शामिल हुए। वहीं, जनाजे में हथियारों से लैस दिखे। उनके पास एके-47 और अन्य आधुनिक हथियार भी दिखाई दिए। 
विज्ञापन
पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड बुरहान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी। उसे पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, उसके जनाजे में कई खूंखार आतंकी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी शामिल हुए। 

डॉक्टर के नाम से भी जाना जाता था

विज्ञापन

इनमें हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र सरगना बख्त जमीन खान जैसे नाम अहम हैं। हमजा बुरहान, जिसे अर्जुमंद गुलजार डार और कोडनेम डॉक्टर के नाम से भी जाना जाता था। उसे गोली मारे जाने के एक दिन बाद इस्लामाबाद में दफनाया गया। सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनाजे में दुर्दांत आतंकियों के अलावा पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे।

यह भी पढ़ें-  पश्चिम एशिया संकट: फिर हमले की तैयारी में अमेरिका, जंग या शांति; किस मोड़ पर खड़ा है ईरान?


जनाजे में कई आधुनिक हथियार दिखे
जनाजे के वीडियो में भारी हथियारों से लैस लोग एके-47 और अन्य आधुनिक हथियारों के साथ दिखाई दिए। इससे समारोह के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का संकेत मिला। सोशल मीडिया वीडियो में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े कई हथियारबंद कैडरों की मौजूदगी भी दिखाई गई।

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड

विज्ञापन

बुरहान को वर्ष 2019 के पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता था, जिसमें फरवरी 2019 में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। भारत के गृह मंत्रालय ने उसे 2022 में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में आतंकवादी घोषित किया था। अधिकारियों के अनुसार, वह युवाओं को बरगलाने, उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने और पाकिस्तान संचालित अल-बद्र के लिए फंडिंग में अहम भूमिका निभा रहा था।

यह भी पढ़ें-  शांति वार्ता बेपटरी: अराघची बोले-अमेरिका की अत्यधिक मांगें बनीं रोड़ा, ईरान पर हमले को तैयार ट्रंप सेना?


शिक्षक के रूप में कर रहा था काम 
वह हाल के वर्षों में पीओके में गुप्त रूप से रह रहा था और शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह मुजफ्फराबाद के एक निजी कॉलेज का प्रिंसिपल भी था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह कॉलेज परिसर से बाहर निकलते समय अज्ञात हमलावरों ने उस पर करीब से गोलीबारी की, जिसमें उसके सिर में कई गोलियां लगीं।

मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए आतंकियों के जनाजों में भी पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी, नौकरशाह और आतंकी संगठन प्रमुख शामिल हुए थे।22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने गांव पर हमला कर लोगों से उनका धर्म पूछकर हत्या की थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।उस दौरान सामने आए वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मारे गए आतंकियों के ताबूतों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटकर सैन्य सम्मान दिए जाने के दृश्य भी दिखाई दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें