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प्रत्यर्पण बिल ने तोड़ दी हांगकांग के पर्यटन की कमर, प्रदर्शनों के चलते कम हुए 40 फीसदी पर्यटक

Thu, 12 Sep 2019 07:00 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • पर्यटकों की संख्या 40 फीसदी कम हुई, होटलों का किराया 70फीसदी  तक गिरा, रिटेल भी प्रभावित
  • हर साल तीन करोड़ पर्यटक हांगकांग आते थे, इस साल आंकड़ा 1.7 से 1.8 करोड़ रहने की उम्मीद
  • होटलों की बुकिंग 50 फीसदी तक घटी, इससे होटलों का किराया 70 फीसदी तक घट गया है
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हांगकांग में विरोध प्रदर्शन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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लगातार विरोध-प्रदर्शनों के चलते हांगकांग ने आखिरकार विवादित प्रत्यर्पण बिल को वापस लेने का फैसला कर लिया है। इस निर्णय के बाद विरोध-प्रदर्शन भी कम हुए हैं। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से हांगकांग में जिस तरह का माहौल रहा है उससे वहां की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। लेकिन सबसे ज्यादा मार अगर किसी सेक्टर पर पड़ी है तो वह है पर्यटन। 

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हांगकांग के वित्त सचिव पॉल चान ने बताया कि अगस्त में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में 40 फीसदी से भी ज्यादा की कमी दर्ज की गई है। बता दें कि पिछले साल हांगकांग आने वाले पर्यटकों का आंकड़ा तीन करोड़ था। पॉल ने आशंका जताई कि अस्थिर माहौल के चलते इस बार यह संख्या 1.7 से 1.8 करोड़ तक रह सकती है। 

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होटल बुकिंग घटी, किराया 70 फीसदी तक कम हुआ

बता दें कि प्रत्यर्पण बिल के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच कई तीखी झड़पें हुईं। बैनर-पोस्टर जलाने की घटनाएं भी हुईं। ऐसी स्थिति में हांगकांग जाने की योजना बनाए बाहरी लोगों ने अपनी योजना या तो रद्द कर दी या इसे किसी और समय के लिए टाल दिया। हालांकि प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे। 

प्रदर्शनकारियों ने अगस्त में तो कई दिनों तक एयरपोर्ट सेवाओं को भी बाधित कर दिया था। इसके चलते बाहरी देशों से आने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। ऐसे में पर्यटकों की संख्या घटकर न के बराबर रह गई। चान का कहना है कि हांगकांग के कई इलाकों में होटलों की बुकिंग 50 फीसदी तक घटी है। इससे होटलों का किराया 70 फीसदी तक घट गया। 

हांगकांग आने वाले पर्यटक आम तौर पर अमीर लोग होते हैं और खरीदारी भी खूब करते हैं। यहां के इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स की खूब डिमांड रहती है। लेकिन, पर्यटकों की संख्या कम होने से रिटेल सेक्टर की बिक्री का आंकड़ा अगस्त में 50 फीसदी कम हो गया। हांगकांग बिजनेस टूरिज्म के लिए भी मशहूर है, लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण प्रोफेशनल्स की संख्या भी कम हो गई। 
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क्या था विवादित प्रत्यर्पण बिल

इसी साल अप्रैल में लाए गए इस कानून के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हांगकांग आ जाता है को उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेजा जा सकता है। हांगकांग सरकार इस मौजूदा कानून में संशोधन के लिए फरवरी में प्रस्ताव लाई थी। कानून में संशोधन का प्रस्ताव एक घटना के बाद लाया गया। जिसमें एक व्यक्ति ने ताइवान में अपनी प्रेमिका की कथित तौर पर हत्या कर दी और हांगकांग वापस आ गया था।

हांगकांग की अगर बात की जाए तो यह चीन का एक स्वायत्त द्वीप है। चीन इसे अपने संप्रभु राज्य का हिस्सा मानता है। वहीं हांगकांग की ताइवान के साथ कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है। जिसके कारण हत्या के मुकदमे के लिए उस व्यक्ति को ताइवान भेजना मुश्किल है। अगर ये कानून पास हो जाता तो इससे चीन को उन क्षेत्रों में संदिग्धों को प्रत्यर्पित करने की अनुमति मिल जाती, जिनके साथ हांगकांग के समझौते नहीं हैं। जैसे संबंधित अपराधी को ताइवान और मकाऊ भी प्रत्यर्पित किया जा सकता।

हांगकांग के लोग इस कानून का जमकर विरोध कर रहे थे। वो सरकार द्वारा कानून को निलंबित किए जाने के बाद भी नहीं थमे, उनका कहना था कि इसे पूरा तरह से खत्म कर दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि इन लोगों का मानना है कि अगर ये कानून कभी भी पास होता है तो हांगकांग के लोगों पर चीन का कानून लागू हो जाएगा। जिसके बाद चीन मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में ले लेगा और उन्हें यातनाएं देगा।
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