सार
शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने कहा कि जब वे श्रद्धांजलि देने के लिए एक जगह एकत्र हुए तो, उन पर हमले किए गए। पार्टी ने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बंगबंधु के निवास की ओर जाने वाले रास्तों पर कब्जा कर लिया था।
बांग्लादेश में फैली अशांति के बीच राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है। इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों को बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या की सालगिरह पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से रोक दिया गया। बताया गया है कि बंगबंधु के निवास के आगे बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। इन लोगों की शेख हसीना के समर्थकों रोक लिया।
आपको बता दें कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बंगबंधु की हत्या की सालगिरह को राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाने की मान्यता को खत्म कर दिया है। बीते वर्षों की तरह, इस वर्ष 32 धानमंडी स्थित बंगबंधु के निजी निवास पर किसी भी तरह के शोक समारोह का आयोजन नहीं किया गया। बता दें कि शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के बाद उनके आवास को संग्रहालय में बदल दिया गया था। जब पांच अगस्त को शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़ा तो प्रदर्शनकारियों ने इस संग्रहालय को आग के हवाले कर दिया था।
हसीना की आवामी लीग पार्टी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस बात की जानकारी दी। पार्टी ने कहा, ‘हम कोई जुलूस नहीं निकल रहे थे, कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। हम लोग बंगबंधु को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते थे। छात्रों की आड़ में, उग्रपंथी समूहों जमात-ए-इस्लामी, बांग्लादेश इस्लामी छात्र शिबिर और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लोगों ने हमें पीटा।’ इससे पहले शेख हसीना ने मंगलवार को भारत में अपना पहला सार्वजनिक बयान दिया था। इस दौरान हसीना ने संग्रहालय को जलाने पर दुख जताया। उन्होंने बांग्लादेश के नागरिकों को शांतिपूर्वक तरीके से शोक दिवस मनाने का अनुरोध किया था। शेख हसीना ने कहा था, ‘प्रदर्शनकारियों ने संग्रहालय को जलाकर बेहद शर्मनाक काम किया। जिनकी नेतृत्व में हम स्वतंत्र राष्ट्र बने, उनके संग्रहालय को आग के हवाले कर देना ठीक नहीं था। मैं इसके लिए देशवासियों से न्याय की अपील करती हूं।’
उधर, शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने कहा कि जब वे श्रद्धांजलि देने के लिए एक जगह एकत्र हुए तो, उन पर हमले किए गए। पार्टी ने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बंगबंधु के निवास की ओर जाने वाले रास्तों पर कब्जा कर लिया था। शेख हसीना की पार्टी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने बंगबंधु की याद में श्रद्धांजलि देने की कोशिश की, उन्हें भी पीटा गया। इससे पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने 15 अगस्त को मिलने वाले राष्ट्रीय अवकाश को रद्द कर दिया था। विभिन्न राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद मोहम्मद यूनुस ने यह फैसला लिया। आपको बता दें कि बांग्लादेश में पिछले तीन सप्ताह के दौरान हुई हिंसा में 560 लोगों की मौत हो चुकी है।