अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की मुद्रा को मिले वैश्विक दर्जे को लेकर एक और बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डॉलर का दर्जा छिनना कुछ वैसा ही होगा, जैसे विश्व युद्ध में मिली हार। ट्रंप ने ब्रिक्स देशों के समूह पर भी टिप्पणी की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब उन्होंने टैरिफ लगाने की चेतावनी दी तो अगले ही दिन ब्रिक्स की बैठक में कोई नहीं आया। जानिए ट्रंप ने और क्या कहा..
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा है कि अमेरिकी डॉलर का दर्जा छिनना विश्व युद्ध हारने जैसा होगा और वे डॉलर को गिरने नहीं देंगे। उन्होंने BRICS देशों की नीति और भविष्य पर भी बयान दिया। ट्रंप ने कहा, 'द जीनियस एक्ट वास्तव में अमेरिकी डॉलर को मज़बूत कर रहा है। यह कानून अमेरिकी मुद्रा की अहमियत को भी रेखांकित कर रहा है। ब्रिक्स देशों के समूह ने डॉलर के प्रभुत्व और दुनियाभर में मानक अमेरिकी मुद्रा पर कब्जा करने की कोशिश। वे ऐसा करना चाहते थे, लेकिन जब मैंने इसके सदस्यों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की तो अगले दिन उनकी बैठक हुई, जिसमें लगभग कोई भी नहीं आया।'
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ट्रंप का दावा- तेजी से लुप्त हो रहा BRICS, कड़ी प्रतिक्रिया का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम डॉलर को गिरने नहीं देंगे... अगर हम दुनिया की रिजर्व मुद्रा के रूप में डॉलर का दर्जा खो देते हैं, तो यह विश्व युद्ध हारने जैसा होगा।' ट्रंप ने कहा, 'जब मैंने ब्रिक्स के छह देशों के समूह के बारे में सुना, तो मैंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। अगर वे कभी सार्थक रूप से संगठित होते भी हैं, तो भी यह समूह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा।' बकौल ट्रंप, ब्रिक्स नाम का एक छोटा सा समूह है, जो तेजी से लुप्त हो रहा है।
एक अगस्त से लागू हो जाएगी ट्रंप की टैरिफ नीति
गौरतलब है कि ट्रंप ने इससे पहले भी ब्रिक्स देशों के समूह और डॉलर की मान्यता को लेकर बयान दिए हैं। उन्होंने बीते 7 जुलाई को ब्रिक्स देशों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एलान किया था। इसके अलावा उन्होंने टैरिफ के लागू होने की तय तिथि में कोई बदलाव न करने का भी एलान किया। यानी अब सभी देशों पर टैरिफ अब 1 अगस्त से लागू हो जाएंगे।
बहरहाल, अपनी टैरिफ नीतियों पर बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले ट्रंप अमेरिका में कितने लोकप्रिय हैं, इससे जुड़ी एक सर्वे भी सामने आया है। इस खबर के मुताबिक देशवासी बीते नौ महीने की अवधि में ट्रंप की नीतियों को लेकर उतने खुश नहीं हैं। टैरिफ नीति के चलते अमेरिका में महंगाई बढ़ रही है। वहीं ट्रंप सरकार अपने बिग ब्यूटीफुल बिल के जरिए सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती कर रही है और मेडिकेड सुविधा को भी कम कर रही है। इसके चलते अमेरिका में 1.1 करोड़ लोग स्वास्थ्य बीमा से बाहर हो जाएंगे।
ट्रंप की नीतियों के बीच उनकी लोकप्रियता को लेकर हुए सर्वे के मुताबिक इस साल की शुरुआत में अप्रवासन के मुद्दे पर ट्रंप की जो रेटिंग थी, अब उसमें गिरावट आई है। इसके अलावा सरकारी खर्च में कटौती और मेडिकेड जैसे मुद्दों पर लोगों में भारी नाराजगी है।