बिल्ड बैक अमेरिका नाम की अपनी महत्त्वाकांक्षी योजना में कटौती करने पर राष्ट्रपति जो बाइडन के तैयार हो जाने से देश में बड़ी कंपनियों की लॉबिंग फिर से चर्चा में है। खबरों के मुताबिक बाइडन ने अब अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव खेमे से साफ कह दिया है कि बिल्ड बैक अमेरिका यानी 3.5 ट्रिलियन डॉलर के सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज को इसी रूप में पास कराना संभव नहीं है। उन्होंने अब इस पैकेज को दो ट्रिलियन डॉलर का करने की इच्छा जताई है। लेकिन खबरों के मुताबिक पार्टी के मध्यमार्गी सांसद इस रकम पर भी सहमत नहीं हैं। वे अधिक से अधिक 1.5 ट्रिलियन डॉलर के खर्च को अनुमति देने के लिए तैयार हैं।
वामपंथी वेबसाइट जैकॉबिन के मुताबिक दवा उद्योग ने इस पैकेज के खिलाफ जोरदार लॉबिंग की है। मूल पैकेज में हेल्थ केयर जैसे ऐसे उपाय शामिल हैं, जिससे बताया जाता है कि अगले एक दशक में दवा कंपनियों को कई दवाएं सरकारी योजना के लिए सस्ते में बेचनी पड़तीं। इससे सरकार को 150 अरब डॉलर का लाभ होता। ऐसी खबर है कि अब बाइडन हेल्थ केयर और जलवायु परिवर्तन रोकने के उपायों से जुड़े प्रावधानों को बिल्ड बैक अमेरिका पैकेज से हटाने को तैयार हो गए हैं।
अखबार द गार्जियन की एक खबर के मुताबिक सोशलिस्ट नेता बर्नी सैंडर्स ने पैकेज के हक में माहौल बनाने के लिए जोरदार अभियान छेड़ रखा है। उन्होंने कई शहरों में जाकर जन सभाएं की हैँ। लेकिन इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सैंडर्स का सपना पूरा होता नहीं दिखता। सैंडर्स के समर्थक और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के डेमोक्रेटिक सदस्य रो खन्ना ने द गार्जियन से कहा- ‘हमें आखिरकार ऐसा पैकेज तैयार करने में सफलता मिली है, जिससे यह सिद्धांत स्थापित होता है कि लोकतंत्र में लोगों में निवेश करना जरूरी है।’
लेकिन रिपब्लिकन पार्टी ने इस पैकेज को खुद को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट कहने वाले सैंडर्स का हवाई सपना बताया है। पार्टी के सीनेटर जॉन बैरासो ने कहा- ‘ये बिल बर्नी सैंडर्स का सोशलिस्ट सपना है। लेकिन अमेरिकी करदाताओं के लिए यह डरावना सपना है।’ विश्लेषकों के मुताबिक सैंडर्स और डेमोक्रेटिक पार्टी की असली चिंता रिपब्लिकन पार्टी नहीं है। उससे उन्हें समर्थन की उम्मीद नहीं थी। उनकी चिंता अपनी ही पार्टी के दोनों सीनेटर हैं। जो मेंचिन ने चेतावनी दी है कि अगर ये बिल पारित हुआ, तो पूरा अमेरिकी समाज खैरात पर जीने की मानसिकता में चला जाएगा।