अमेरिका को कोविड-19 के टेस्ट किट की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जो बाइडन प्रशासन ने दावा किया था कि महामारी के नए दौर में सबको अपने घर पर ही टेस्ट करने के किट उपलब्ध कराई जाएंगी। लेकिन अब प्रशासन ने स्वीकार किया है कि वायरस का संक्रमण उनके अनुमान की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से फैल रहा है।
हकीकत यह है कि जिन लोगों में कोविड-19 के लक्षण हैं, कई शहरों में उन्हें अकसर टेस्ट कराने के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को राज्यों के गवर्नरों के साथ बैठक में स्वीकार किया था कि प्रशासन को रैपिट टेस्टिंग किट मुहैया कराने के लिए अधिक तेज गति से कदम उठाने चाहिए थे। इसके पहले बाइडन ने एलान किया था कि अगले जनवरी में 50 करोड़ होम टेस्ट किट उपलब्ध कराए जाएंगे। टीवी चैनल एबीसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- ‘मेरी घोषणा पर्याप्त साबित नहीं हुई है। अगर हमें पता होता, तो हमने इसके लिए अधिक तेज गति से कदम उठाए होते।’
कोविड टेस्ट में ये समस्या उस समय पैदा हुई है, जब अमेरिका में रोज कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट से नए संक्रमण के औसतन दो लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक मुमकिन है कि जल्द ही रोजाना पांच लाख तक नए मामले सामने आने लगें। हालांकि अच्छी बात यह है कि नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों में से बहुत को कम को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ रही है, इसके बावजूद अंदेशा यह है कि संक्रमण मौजूदा गति से ही फैलता रहा, तब उससे भी चिकित्सा व्यवस्था गहरे दबाव में आ जाएगी। अधिक चिंता की बात यह है कि अमेरिका के कई हिस्सों में अभी भी कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट से लोग संक्रमित हो रहे हैं।