पोप फ्रांसिस ने संत पीटर स्क्वायर में रविवार को एंजेलस प्रेयर से पहले अपने भाषण में चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यूक्रेन में युद्ध बहुत गंभीर, विनाशकारी और खतरनाक हो गया है। इसका असर ना केवल इन दो देशों बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इस दौरान उन्होंने यह भी सवाल किया कि हमें यह महसूस करने के लिए कितना खून बहाना चाहिए कि युद्ध कभी समाधान नहीं बना है, केवल विनाश है?
24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस ने हमला किया था। इसके बाद से अब तक दोनों देशों में जंग जारी है। रूस यूक्रेन के कई शहरों को ना केवल तबाह कर चुका है बल्कि उसने जनमत संग्रह कराकर चार इलाकों को अपने में शामिल भी कर लिया है। वहीं, एक बाऱ फिर पोप फ्रांसिस ने दोनों देशों के प्रमुखों से युद्ध रोकने की अपील की है। उन्होंने दोनों देशों के बीच चल रही जंग से पैदा हुई गंभीर स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से युद्ध समाप्त करने और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से शांति प्रस्ताव के लिए आगे आने की अपील की।
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पोप फ्रांसिस ने संत पीटर स्क्वायर में रविवार को एंजेलस प्रेयर से पहले अपने भाषण में ये अपील की। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यूक्रेन में युद्ध बहुत गंभीर, विनाशकारी और खतरनाक हो गया है। इसका असर ना केवल इन दो देशों बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
तत्काल युद्धविराम का आह्वान करते हुए पोप फ्रांसिस ने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की शर्तें मानव जीवन के पवित्र मूल्य के सम्मान के साथ-साथ प्रत्येक देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर आधारित हों। उन्होंने कहा कि मैं अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के विपरीत आगे की कार्रवाइयों के साथ हाल के दिनों में पैदा हुई गंभीर स्थिति के लिए गहरा खेद व्यक्त करता हूं। यह स्थिति परमाणु युद्ध के जोखिम को बढ़ाती है, जिससे दुनिया भर में अनियंत्रित और विनाशकारी परिणामों की आशंका बढ़ जाएगी।
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उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच यह युद्ध मानवता के लिए एक भयानक और अकल्पनीय घाव की तरह है। युद्ध को खत्म करने के बजाय और अधिक खून बहाया जा रहा है। इससे युद्ध के और बढ़ने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कामों को कभी सही नहीं कहा जा सकता है। यह परेशान करने वाला है कि दुनिया यूक्रेन के भूगोल को बूचा, इरपिन, मारियुपोल, इज़ियम, जापारिज़्ज़िया और अन्य क्षेत्रों जैसे नामों के कारण से सीख रही है। जहां भयानक कत्लेआम हुआ है। पोप फ्रांसिस ने युद्ध को बेतुका बताते हुए सवाल किया कि हमें यह महसूस करने के लिए कितना खून बहाना चाहिए कि युद्ध कभी समाधान नहीं है, केवल विनाश है?
नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन से रिसाव होना बंद हुआ: डेनमार्क
नॉर्ड स्ट्रीम 1 गैस पाइपलाइन से रिसाव होना बंद हो गया है। डेनमार्क के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन से रिसाव होना पहले ही बंद हो गया था। नॉर्ड स्ट्रीम एजी कंपनी ने डेनिश एनर्जी एजेंसी को स्ट्रीम 1 पाइपलाइन से रिसाव बंद होने की जानकारी दी है। दरअसल, इस सप्ताह समुद्र के भीतर विस्फोटों के कारण नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे बड़े पैमाने पर मीथेन का रिसाव हुआ था।