पाकिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव से पहले बलूचिस्तान में अधिकारियों ने राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार और दिग्गज नेता महमूद खान अचकजई के प्रांतीय राजधानी क्वेटा स्थित घर पर छापा मारा। साथ ही उनके द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी स्वामित्व वाली भूमि के एक हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया।
इमरान खान की पार्टी द्वारा समर्थित सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) ने पश्तून ख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (पीकेएमएपी) के प्रमुख अचकजई को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया है। वह पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता आसिफ अली जरदारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
क्वेटा में अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने रविवार को अचकजई के आवास पर छापा मारा था। साथ ही उनके द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी स्वामित्व वाली भूमि के एक हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया।
नौ मार्च को होगा चुनाव
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक राष्ट्रपति का चुनाव नौ मार्च को होगा। बता दें कि, आठ फरवरी को हुए चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ था। इसलिए पीएमएल-एन और पीपीपी ने गठबंधन बनाने का एलान किया और बाद में जरदारी को देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार घोषित किया गया। जरदारी इससे पहले सितंबर 2008 से 2013 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं।
राजनीतिक और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मीडिया ने छापे की कड़ी निंदा की है। माना जा रहा है कि यह छापेमारी नेशनल असेंबली में अचकजई द्वारा दिए भाषण का नतीजा है।
जमीन पर करवा दी थी चारदीवारी
क्वेटा के उपायुक्त साद असद ने कहा कि छापेमारी की योजना इसलिए बनाई गई क्योंकि पीकेएमएपी अध्यक्ष ने अपने आवास पर 2.5 कनाल (0.3 एकड़) जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था जो सरकार की थी। उन्होने कहा कि अचकजई ने जमीन पर चारदीवारी करवा दी थी। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद उसने खाली करने से इनकार कर दिया था। इसलिए पुलिस ने राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर अवैध कब्जे वाली जमीन को बरामद कर लिया।
उन्होंने कहा कि वहां कुछ हथियारबंद लोग थे, जिन्होंने हमें रोकने की कोशिश की। हालांकि उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
धांधली के खिलाफ विरोध को नहीं रोक पाएंगे
पीकेएमएपी के महासचिव अब्दुल रहीम जियारतवाल ने पार्टी नेता को निशाना बनाकर की गई छापेमारी की निंदा की और सोमवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के छापे चुनाव में धांधली के खिलाफ विरोध करने पर पार्टी के दृढ़ रुख को नहीं रोक पाएंगे और अचकजई नौ मार्च को राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे।