पोलैंड में राष्ट्रपति चुनाव में सहयोगी की हार के बाद पोलैंड के पीएम टस्क ने सरकार पर विश्वास मत की मांग की। देखा जाए तो नव निर्वाचित राष्ट्रपति करोल नवरोकी की जीत से टस्क की यूरोप समर्थक नीतियों पर संकट मंडरा रहा है। इसको लेकर टस्क ने एक वीडियो में कहा कि अगर नवरोकी सहयोग की इच्छा दिखाते हैं, तो वे उनके साथ काम करने को तैयार हैं
पोलैंड में हुए राष्ट्रपति चुनाव में अपनी सहयोगी लिबरल उम्मीदवार और वारसॉ के मेयर रफाल ट्र्जासकोव्स्की की हार के बाद पीएम डोनाल्ड टास्क ने सोमवार को विश्वास मत पेश करने की बात पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि वह संसद से अपनी गठबंधन सरकार पर विश्वास मत की मांग करेंगे। यह कदम उन्होंने उस समय उठाया जब उनके सहयोगी उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव में हार गए। बता दें कि रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में कंजरवेटिव उम्मीदवार करोल नवरोकी ने 50.89% वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि लिबरल उम्मीदवार और वारसॉ के मेयर राफाल ट्र्जासकोव्स्की को 49.11% वोट मिले।
नवरोकी की जीत के बाद पोलैंड की राह
जेलेंस्की समेत इन नेताओं ने दी बधाई
नवरोकी की जीत के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयन ने नवरोकी को बधाई दी। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि पोलैंड यूरोपीय सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है।
ये भी पढ़ें:- US Assault Weapons Ban: क्या प्रतिबंध सांविधानिक? सुप्रीम कोर्ट करेगी फैसला; तीन जजों की पीठ में अलग-अलग राय
टस्क के लिए अपने वादे पूरे करना होगा कठिन
पोलैंड में प्रधानमंत्री के पास रोजमर्रा की सत्ता होती है, लेकिन राष्ट्रपति विदेश नीति और कानूनों पर वीटो के ज़रिए अहम भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री टस्क की गठबंधन सरकार पहले से ही कई वादों को पूरा नहीं कर पाई है, जैसे कि गर्भपात कानूनों में ढील या समलैंगिक जोड़ों के लिए नागरिक भागीदारी कानून लाना। अब नवरोकी के राष्ट्रपति बनने के बाद यह और कठिन हो सकता है।
गौरतलब है कि टस्क की अगुआई वाली गठबंधन सरकार 2023 के अंत में सत्ता में आई थी, लेकिन अब उनके नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। अगर वे विश्वास मत जीतते हैं, तो यह दिखाएगा कि उन्हें अब भी शासन करने का जनमत प्राप्त है।