पाकिस्तान में आम चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। आठ फरवरी को पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। हैरत की बात है कि 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की राजनीतिक पार्टी भी इस चुनावों में अपने उम्मीदवार खड़े कर रही है। हाफिज सईद ने अपने नए राजनीतिक संगठन से राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं।
बता दें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का संस्थापक हाफिज सईद, प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) के कुछ अन्य नेताओं के साथ कई आतंकी वित्त मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 2019 से जेल में है। पाकिस्तान मिल्ली मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) पार्टी का कहना है कि यह एक राजनीतिक पार्टी है, जिसका चुनाव चिन्ह 'कुर्सी' है।
हाफिज सईद के बेटे को मिला टिकट
पीएमएमल के अध्यक्ष खालिद मसूद सिंधु ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हम भ्रष्टाचार के लिए नहीं बल्कि लोगों की सेवा करने और पाकिस्तान को एक इस्लामिक कल्याणकारी राज्य बनाने के लिए सत्ता में आना चाहते हैं। बता दें खालिद मसूद सिंधु NA-130 लाहौर से उम्मीदवार हैं, जहां से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी चुनाव लड़ रहे हैं। हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद लाहौर के एनए-127 से उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि खालिद मसूद सिंधु ने सोमवार को दावा किया कि हाफिज सईद का पीएमएमएल से कोई लेना-देना नहीं है।
2024 के चुनावों के लिए, एमएमएल पर प्रतिबंध के कारण पीएमएमएल का गठन किया गया है। अमेरिका ने आतंकवादी हाफिज सईद पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा है। हाफिज सईद की जमात उद दावा, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का ही संगठन है, जो 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। इस हमले के दौरान छह अमेरिकियों समेत 166 लोगों की मौत हो गई थी।