आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने मांड्या जिले में स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान उन्हें श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। यह मंदिर श्री श्री श्री बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की स्मृति में बनाया गया है, जो श्री अदिचुंचनगिरि मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे। मंदिर पारंपरिक द्रविड़ शैली में बना है और इसे उनकी जीवन यात्रा और समाज सेवा को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
यह मंदिर बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी के जीवन, उनके सामाजिक कार्यों और समाज सेवा के योगदान को याद करने के लिए बनाया गया एक स्मारक है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधन भी किया।
पीएम मोदी ने लोगों से की ये नौ संकल्प लेने की अपील
अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से नौ महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज और देश को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक को मिलकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने जो नौ सुझाव दिए, वे इस प्रकार हैं-
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पानी बचाने और उसका सही उपयोग करने का संकल्प लें।
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एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाएं और धरती माता की रक्षा करें।
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धार्मिक स्थानों, गांवों और शहरों में साफ-सफाई बनाए रखें।
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वोकल फॉर लोकल अपनाकर देश के उत्पादों को बढ़ावा दें।
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अपने देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करें और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें।
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प्राकृतिक खेती को अपनाएं और बढ़ावा दें।
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अपने आहार में मोटे अनाज शामिल करें और तेल के सेवन में लगभग 10% कमी करें ताकि स्वास्थ्य बेहतर रहे।
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योग और खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
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जरूरतमंद लोगों की मदद करें, जिससे समाज और मजबूत बने।
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि ये सभी संकल्प देश को आत्मनिर्भर, स्वस्थ और सशक्त बनाने में मदद करेंगे।
आयुष्मान भारत योजना का किया जिक्र
पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत आज करोड़ों गरीब लोगों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का विस्तार 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों तक भी किया गया है, ताकि उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरकार भी इसी सोच को आगे बढ़ा रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों गरीब लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। इसके साथ ही इस योजना का विस्तार 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों तक किया गया है, ताकि उन्हें सम्मान के साथ बेहतर इलाज मिल सके।
शिक्षा के क्षेत्र में महास्वामीजी का बड़ा योगदान- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महास्वामीजी ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने कई शिक्षण संस्थान स्थापित किए, जहां प्राथमिक शिक्षा से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को मिला है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महास्वामीजी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने ऐसे अस्पताल और संस्थान बनाए जहां सेवा को सबसे ऊपर रखा गया। उनका मानना था कि अच्छी स्वास्थ्य सुविधा सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।
भैरव मंदिर में दर्शन मेरे लिए खास अनुभव- पीएम मोदी
संबोधन के शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि आज उनके मन में बहुत गहरे भाव हैं, जिन्हें शब्दों में बताना मुश्किल है। श्री काल भैरव मंदिर में दर्शन और पूजा करना, श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन देखना और ऐतिहासिक ज्वालापीठ में समय बिताना उनके लिए एक बहुत खास अनुभव रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिक रूप से ऊंचाई पर पहुंचे संतों के बीच रहना और इस विशाल जनसमूह को देखना उनके लिए यादगार पल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें यहां आने और लोगों के बीच रहने का अवसर मिला। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक बधाई भी दी।
भारत हजारों साल पुरानी सभ्यता- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे समाज में समय-समय पर ऐसे महान व्यक्तित्व आए हैं जो केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि ये संत समाज के बीच रहते थे, लोगों के सुख-दुख को समझते थे और समाज को दुख, कष्ट और कठिनाइयों से बाहर निकालने का रास्ता दिखाते थे। प्रधानमंत्री ने भारत को एक जीवंत और हजारों साल पुरानी सभ्यता बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे उदाहरण मिलते हैं जहां परंपराएं इतने लंबे समय तक जीवित रहती हैं।
उन्होंने श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि महा संस्थान मठ का जिक्र करते हुए कहा कि यह इस निरंतरता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मठ का इतिहास लगभग 2000 साल पुराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मठ की गुरु परंपरा, आध्यात्मिक दर्शन और सेवा की परंपरा ने सदियों से इस क्षेत्र को समृद्ध किया है।