फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Guyana: 'कैरिकॉम' से मजबूत संबंधों के लिए PM मोदी के सात प्रस्ताव, 5 साल बाद बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा

Thu, 21 Nov 2024 02:42 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जॉर्जटाउन (गुयाना)

सार

गुयाना में पीएम मोदी ने भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कैरिकॉम से मजबूत संबंधों के लिए सात प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों में क्षमता निर्माण, कृषि और खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, नवाचार, प्रौद्योगिकी और व्यापार, क्रिकेट और संस्कृति, महासागर अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा के अलावा औषधि और स्वास्थ्य देखभाल शामिल रहे।
विज्ञापन
गुयाना में भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गुयाना पहुंचे, जो पिछले 50 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है। यहां वह दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के लिए कैरेबियाई देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए और उनसे व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत और 'कैरीकॉम' (कैरेबियन समुदाय) के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए सात प्रमुख स्तंभों का प्रस्ताव रखा।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि मैं कैरिकॉम परिवार के सभी सदस्यों का दिल से स्वागत करता हूं। हमारी आज की बैठक पांच साल बाद हो रही है। इन पांच वर्षों में दुनिया में कई बदलाव हुए हैं, और मानवता को कई तनावों और संकटों का सामना करना पड़ा है। इन संकटों का सबसे ज्यादा और सबसे नकारात्मक असर हम जैसे ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ा है। इसलिए भारत ने हमेशा कैरिकॉम के साथ मिलकर इन साझा चुनौतियों का सामना करने की कोशिश की है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछली बैठक में हमने कई नई और सकारात्मक पहल की पहचान की थी, और मुझे खुशी है कि उन सभी पर काम हो रहा है। भविष्य में हमारे सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए, मैं कुछ प्रस्ताव रखना चाहता हूं, जो सात मुख्य स्तंभों - सी, ए, आर, आई, सी, ओ, एम (कैरिकॉम) पर आधारित हैं। उन्होंने कैरिकॉम को सी से क्षमता निर्माण, ए को कृषि और खाद्य सुरक्षा, आर को नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, आई को नवाचार, प्रौद्योगिकी और व्यापार, सी को क्रिकेट और संस्कृति, ओ को महासागर अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा, एम को औषधि और स्वास्थ्य देखभाल बताया। 
विज्ञापन


हाई-टेक छात्रवृत्तियों में 1000 स्लॉट की वृद्धि की
उन्होंने आगे कहा कि सी का मतलब है 'क्षमता निर्माण', और भारत कैरिकॉम देशों की क्षमता निर्माण में मदद करता रहा है, जैसे छात्रवृत्तियां, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता के जरिये। आज मैं अगले 5 वर्षों के लिए भारत द्वारा दी जा रही हाई-टेक छात्रवृत्तियों में 1000 स्लॉट की वृद्धि का प्रस्ताव करता हूं।

पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं सभी के लिए अहम मुद्दा
उन्होंने आगे कहा, ए का मतलब है कृषि और खाद्य सुरक्षा। कृषि क्षेत्र में ड्रोन, डिजिटल खेती, कृषि मशीनीकरण, मृदा परीक्षण जैसी नई तकनीकों ने भारत में खेती की तस्वीर बदल दी है। हम नैनो उर्वरक के साथ-साथ प्राकृतिक खेती पर भी जोर दे रहे हैं। आर का मतलब है नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन। पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं हम सभी के लिए सबसे अहम मुद्दा हैं।

कैरीकॉम देशों से महिला क्रिकेटरों को प्रशिक्षित करने का आह्वान
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 'सी' (कैरिकॉम का पांचवां अक्षर) का मतलब है क्रिकेट और संस्कृति। क्रिकेट हमारे देशों के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण संबंध है। चाहे वह 1983 का क्रिकेट विश्व कप फाइनल हो या आईपीएल, इस साल आपके देश में हुए टी-20 विश्व कप के बाद, भारत के लोग वेस्टइंडीज के क्रिकेटरों के प्रति और भी आकर्षित हुए हैं, क्योंकि भारत ने विश्व कप जीता था। मेरा प्रस्ताव है कि क्रिकेट के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए, हम भारत में हर कैरीकॉम देश से ग्यारह युवा महिला क्रिकेटरों को प्रशिक्षित कर सकते हैं।

इन पांच क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन पोर्टल का सुझाव दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों- व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्रतिभा और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव भी दिया, ताकि सभी देशों के निजी क्षेत्र और अन्य हितधारक आपस में जुड़ सकें। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पहले ही कैरीकॉम देशों के लिए लघु और मध्यम उद्योग (एसएमई) क्षेत्रों के लिए 10 लाख डॉलर का अनुदान देने की घोषणा की थी, और अब इस पर कार्य किया जाना चाहिए।
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आज भारत में एक क्लिक से करोड़ों लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया जाता है। यूएई, सिंगापुर, फ्रांस, श्रीलंका, नेपाल, मॉरीशस जैसे देश पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं। यह भारत द्वारा विकसित यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) है। मेरा सुझाव है कि हम इसे कैरिकॉम देशों में भी अपनाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। हमने लोगों के सभी दस्तावेज सुरक्षित तरीके से रखने के लिए एक क्लाउड-आधारित डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म भी बनाया है। हम इसे कैरिकॉम देशों में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत में सरकारी खरीद को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए हमनें गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल भी बनाया है।'

इस क्षेत्रों में रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कैरीकॉम देशों के बीच आर्थिक सहयोग, कृषि, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में रिश्तों को और मजबूत किया जा सकता है।

कैरिकॉम शासनाध्यक्षों से 2019 में हुई थी आखिरी मुलाकात
कैरिकॉम के शासनाध्यक्षों और प्रधानमंत्री मोदी की आखिरी मुलाकात 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें सत्र के इतर हुई थी, जहां उन्होंने भारत से 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन में सहयोग के तौर-तरीकों पर चर्चा की थी।

गुयाना के राष्ट्रपति अली ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया
शिखर सम्मेलन के दौरान, गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, 'मैं आपको और भारत के लोगों को आपके निस्वार्थ गुणों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, जब आपने इस क्षेत्र में कोविड महामारी के दौरान टीकों का पहला सेट पहुंचाया।'

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गुयाना में भारतीय मूल के करीब 3,20,000 लोग हैं।

इससे पहले पीएम ने ब्राजील और नाइजीरिया की यात्रा की
प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा से पहले ब्राजील में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। वहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर सहित वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले, पीएम मोदी ने नाइजीरिया की यात्रा की, जहां उन्होंने राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की।
विज्ञापन


संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें