ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
'वैश्विक दक्षिण को दिखावे के अलावा कुछ नहीं मिला'
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक दक्षिण के सामने मौजूद प्रणालीगत असमानताओं और अक्षमताओं को रेखांकित किया और बताया कि इस क्षेत्र के हितों को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, वैश्विक दक्षिण अक्सर दोहरे मानकों का शिकार रहा है। चाहे विकास हो, संसाधनों का वितरण हो या सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों, वैश्विक दक्षिण के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई है। जलवायु वित्त, सतत विकास और तकनीकी की पहुंच जैसे मामलों में वैश्विक दक्षिण को केवल दिखावे के लिए कुछ ही मिला है।
ये भी पढ़ें: ब्यूनस आयर्स में पीएम मोदी को 'की टू द सिटी' सम्मान, भारत-अर्जेंटीना संबंधों में ऐतिहासिक मील का पत्थर
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
'बहु-ध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की जरूरत'
उन्होंने कहा, आज विश्व को एक नई बहु-ध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की आवश्यकता है। यह व्यापक सुधारों से शुरू होना चाहिए। सुधार केवल प्रतीकात्मक नहीं होने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव भी दिखना चाहिए। शासन के ढांचे, मतदान के अधिकारों और नेतृत्व के पदों में बदलाव होना चाहिए। वैश्विक दक्षिण के देशों की चुनौतियों को नीति निर्धारण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ये भी पढ़ें: भारत माता के जयकारों के बीच ब्राजील में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भारतीय समुदाय से की मुलाकात
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : पीटीआई
'वैश्विक संस्थाओं का हो आधुनिकीकरण'
प्रधानमंत्री ने कहा, एआई के युग में जहां तकनीकी हर हफ्ते अपडेट होती है, यह स्वीकार्य नहीं है कि एक वैश्विक संस्था 80 साल में एक बार भी अपडेट न हो। 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर 20वीं सदी के टाइपराइटर से नहीं चल सकता। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन और बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसे संस्थानों के आधुनिकीकरण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे समकालीन वास्तविकताओं और उभरती चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के विस्तार को सुधार का एक मॉडल बताया और इसमें इंडोनेशिया को शामिल किए जाने का स्वागत किया और इस समूह की बदलती भूमिका को स्वीकार किया।