नेपाल में हुए भीषण विमान हादसे पर एक रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान का पायलट विमान की लैंडिंग के समय विंग फ्लैप को पूरी तरह नहीं खोल सका होगा, जिसके कारण यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान को जमीन पर उतारने के दौरान उसकी गति को कम करने और नियंत्रण बनाए रखने के लिए पंखों के पीछे फ्लैप लगे होते हैं, जो लैंडिंग के समय पूरी तरह से नीचे होते हैं। हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर हादसे का कोई कारण नहीं बताया गया है। फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) की जांच के बाद ही दुर्घटना के सही कारण का पता चल सकेगा।
गौरतलब है कि 15 जनवरी को नेपाल की यति एयरलाइंस का विमान पोखरा में नव-निर्मित हवाई अड्डे के पास खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान ने काठमांडू के त्रिभुवन हवाई अड्डे से पोखरा के लिए सुबह करीब साढ़े दस बजे उड़ान भरी थी। करीब 20 मिनट की उड़ान के बाद लैंडिंग से 10 सेकंड पहले ही यह हादसे का शिकार हो गया था। यह 30 वर्षों में नेपाल की सबसे बड़ी हवाई दुर्घटना में से एक थी। इसमें उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले चार युवक और चालक दल के चार सदस्यों समेत 72 लोगों की मौत हो गई।
अब तक 71 शव बरामद किए जा चुके
विमान में चालक दल के चार सदस्यों सहित सभी 72 यात्रियों की मौत हो गई थी। इनमें चार अब तक 71 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक अन्य की तलाश में जारी है।
फ्रांस की टीम भी कर रही है जांच
यति एयरलाइंस के एक अधिकारी के अनुसार, नेपाल सरकार ने दुर्घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। एटीआर-72 विमान दुर्घटना के कारण को समझने के लिए फ्रांस की नौ सदस्यीय टीम भी पोखरा में एयरलाइंस के कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
विशेषज्ञ बोले-वीडियो में 30 की बजाय 15 डिग्री पर है विमान का फ्लैप
हादसे के बाद विमान के दो वीडियो वायरल हुए थे। काठमांडो पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में फ्लैप का सही कोण पर निर्धारित न होना साफ नजर आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार विमान के पायलट 296 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पर लैंडिंग गियर छोड़ते हैं। इस समय फ्लैप 15 डिग्री के कोण पर सेट किया जाता है।
इसके बाद 277 किमी प्रतिघंट या इससे कम रफ्तार पर फ्लैप 30 डिग्री पर निर्धारित होना चाहिए, जबकि विमान के वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि यह 15 डिग्री पर ही है। विशेषज्ञों के अनुसार लैंडिंग के ठीक पहले फ्लैप का ठीक कोण पर न होना हादसे की प्रमुख वजह हो सकता है।