दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर रोजाना ही शोध हो रहा है। ये शोध इसलिए किए जा रहे हैं, ताकि कोरोना से लड़ने में आसानी हो सके। एक नए शोध के मुताबिक, फाइजर-बायोएनटेक और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ओर से बनाई गई वैक्सीन संक्रमण के खिलाफ एक समान सुरक्षा प्रदान करती हैं।
ब्रिटेन में कोविड वैक्सीन लेने वाले लोगों पर 'रियल वर्ल्ड' डाटा के विश्लेषण ने दावा किया है। यूके सरकार की कार्यकारी एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड इस शोध को बाहर लेकर आया है। इस शोध के मुताबिक, फाइजर वैक्सीन की पहली खुराक के सिम्प्टोमैटिक कोविड-19 के खिलाफ 54 फीसदी असरदार रहने का अनुमान है तो वहीं, एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के 53 फीसदी असरदार रहने का अनुमान है।
इस शोध के मुताबिक, फाइजर और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दोनों खुराकें लेने के बाद कोविड के खिलाफ सुरक्षा के सुनिश्चित होने की उम्मीद बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इस शोध के मुताबिक, फाइजर की दोनों खुराकों की प्रभावशीलता 90 फीसदी अनुमानित की गई है, जबकि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की प्रभावशीलता 89 फीसदी है।
'रियल वर्ल्ड' डाटा विश्लेषण क्यों किया?
इस पर पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने जानकारी दी कि ये दोनों वैक्सीन का मंजूरी से पहले बड़े स्तर पर क्लिनिकल ट्रायल किया गया है। एक रियल वर्ल्ड डाटा के विश्लेषण से वैक्सीन की प्रभावशीलता के बारे में विस्तार से पता चलता हैै। एजेंसी का कहना है कि रियल वर्ल्ड में टीकों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन जारी रखना महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह क्लिनिकल परीक्षण से बहुत अलग हो सकता है।
सिम्प्टोमैटिक कोविड-19 के खिलाफ एस्ट्राजेनेका 85-90 फीसदी असरदार
इस शोध में यह भी खुलासा किया गया है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन सिम्प्टोमैटिक कोविड के खिलाफ 85-90 फीसदी असरदार हो सकती है। हालांकि पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने इसको लेकर चेताया है कि अभी ऐसा कहने के लिए हमारे पास पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं। एजेंसी का कहना है कि इस दावे को लेकर निर्णायक होने के लिए पर्याप्त डाटा नहीं है।