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Peru Protest: राष्ट्रपति के खिलाफ भड़का जेन-जेड आंदोलन, एक की मौत और 100 घायल; इस्तीफे से जेरी ने किया इनकार

Fri, 17 Oct 2025 04:51 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लीमा

सार

पेरू में राष्ट्रपति जोस जेरी के खिलाफ जेन-जेड युवाओं का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हुए। बढ़ते दबाव के बावजूद राष्ट्रपति जेरी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, जिससे देश में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

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Protest (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पेरू के नए राष्ट्रपति जोस जेरी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, जबकि देश में उनके खिलाफ चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हो गए हैं। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से जेन-जेड युवाओं के नेतृत्व में हुआ, जिन्होंने राष्ट्रपति से पद छोड़ने की मांग की थी।

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अधिकारियों के अनुसार, घायलों में 80 पुलिसकर्मी और 10 पत्रकार शामिल हैं। जांच एजेंसियां उस गोलीबारी की जांच कर रही हैं, जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई। राष्ट्रपति जेरी ने संसद का दौरा करने के बाद स्थानीय मीडिया से कहा मेरा दायित्व देश की स्थिरता बनाए रखना है। यही मेरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता है।

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कैसे शुरू हुआ आंदोलन
लगभग एक महीने पहले शुरू हुआ यह विरोध बेहतर पेंशन और युवाओं के लिए नौकरी के अवसरों की मांग से शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह भ्रष्टाचार, अपराध और सरकार की विफलताओं के खिलाफ एक बड़े जनांदोलन में बदल गया। जेरी, जो पिछले 10 वर्षों में पेरू के सातवें राष्ट्रपति हैं, ने 10 अक्टूबर को शपथ ली थी। उनके पद संभालने के तुरंत बाद प्रदर्शन और तेज़ हो गए और युवाओं ने उनके साथ-साथ सांसदों से भी इस्तीफे की मांग शुरू कर दी।

प्रदर्शन में हिंसा और मौत
प्रदर्शन के दौरान 32 वर्षीय हिप-हॉप गायक एडुआर्डो रुइज की गोली लगने से मौत हो गई। अभियोजकों ने बताया कि उन्हें सिर में गोली मारी गई थी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में रुइज को लीमा की सड़कों पर गिरते हुए देखा गया। गवाहों का कहना है कि गोली चलाने वाला व्यक्ति प्रदर्शनकारियों से बचने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि उसे सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी होने का संदेह था।

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राष्ट्रीय लोकपाल कार्यालय के अनुसार, हिंसक झड़पों में 24 प्रदर्शनकारी और 80 पुलिसकर्मी घायल हुए। पत्रकारों पर भी हमला हुआ, जिनमें से छह को पैलेट्स से चोट लगी और चार अन्य पर पुलिस ने हमला किया।

विवादों में घिरे राष्ट्रपति जेरी
जोस जेरी ने हाल ही में अपदस्थ राष्ट्रपति डिना बोलुआर्ते की जगह ली थी, जो विरोध प्रदर्शनों को कुचलने और अपराध पर नियंत्रण में विफल रहने के कारण बेहद अलोकप्रिय थीं। 38 वर्षीय जेरी पहले संसद के अध्यक्ष थे। उनके प्रधानमंत्री एर्नेस्टो अल्वारेज एक अति-दक्षिणपंथी पूर्व न्यायाधीश हैं, जिन्होंने पहले जेन-जेड आंदोलन को अराजकता फैलाने वाला गिरोह बताया था।
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जेरी पर पहले भी विवाद रहे हैं, उन पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, हालांकि मामला अगस्त में खारिज कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे को भी उठाया और सड़कों पर “द रेपिस्ट इज जेरी” जैसे नारे लगाए।

जनता का गुस्सा क्यों फूटा
विशेषज्ञों का कहना है कि पेरू में लोगों का आक्रोश लंबे समय से बढ़ रहा है। लगातार बदलती सरकारें, भ्रष्टाचार के मामले और अपराध ने जनता के धैर्य को खत्म कर दिया है। समाजशास्त्री ओमार कोरोनेल का कहना है कि युवाओं में असुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा पिछले दशकों की विफलताओं का नतीजा है। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां उठाकर कहा प्रदर्शन करना अधिकार है, मारना अपराध। एक महिला ने पोस्टर पर लिखा हत्यारी से बलात्कारी तक, बस चेहरा बदला है।

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