ब्रिटेन के सीमा बल के अधिकारियों ने स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो शहर में आव्रजन संबंधी नियमों के उल्लंघन के संदेह में दो भारतीय को हिरासत में ले लिया। लेकिन घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर करीब आठ घंटे तक बल की गाड़ी को वहां से जाने नहीं दिया। इसके बाद सीमा बल अधिकारियों को दोनों भारतीय रिहा करने पड़े।
द इंडिपेंडेंट की खबर के अनुसार, दोनों भारतीयों को जमानत पर रिहा किया गया है और मामले की जांच जारी है। खबर के मुताबिक, ग्लासगो के पोलोक्शील्ड्स क्षेत्र में सैकड़ों स्थानीय लोगों ने दोनों भारतीयों को ले जा रही बॉर्डर एजेंसी की वैन को वहां रोकने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारी वहां, ‘हमारे पड़ोसियों को छोड़ दो, उन्हें जाने दो’ और ‘पुलिस कर्मी घर जाओ’ के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के बाद स्कॉटलैंड की पीएम निकोला स्टर्जन को मामले में दखल देते हुए बयान जारी करना पड़ा। उन्होंने ‘होम ऑफिस’ पर खतरनाक एवं अस्वीकार्य स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ईद के दिन, कोविड-19 के प्रकोप के बीच ऐसा करना ठीक नहीं। लेकिन इससे भी बड़ी समस्या भयावह आश्रय एवं आव्रजन नीति है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से आश्वासन देने की मांग की कि वे ऐसे हालात दोबारा पैदा नहीं करेंगे।