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Australia Election 2022 : ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव आज, चीन के अलावा जलवायु और देश की अर्थव्यवस्था प्रमुख मुद्दे

Sat, 21 May 2022 01:32 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, केनबरा।

सार

मॉरिसन का कहना है कि उनकी सरकार कोरोना महामारी के चलते होने वाली मौतों को काबू में रखने में कामयाब रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव के लिए शनिवार को मतदान होगा। इसमें महामारी के कारण बढ़ी महंगाई, जलवायु परिवर्तन और चीन से संभावित सैन्य खतरा प्रमुख मुद्दा है। ऑस्ट्रेलियाई तट से 2000 किलोमीटर से भी कम दूरी पर चीन अपना सैन्य अड्डा बना रहा है। बता दें, हालिया वर्षों में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले स्कॉट मॉरिसन देश के पहले पीएम बन गए हैं। उनसे मुकाबले में लेबर पार्टी के एंटनी अलबांसी इस बार मैदान में हैं।

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इस बीच, पीएम स्कॉट मॉरिसन का कंजर्वेटिव गठबंधन चौथी बार सरकार बनाने की उम्मीद कर रहा है। मॉरिसन का कहना है कि उनकी सरकार कोरोना महामारी के चलते होने वाली मौतों को काबू में रखने में कामयाब रही है।

हालांकि देश में महामारी के शुरुआती दो वर्षों के मुकाबले इस साल अब तक दोगुनी से ज्यादा मौतें हुई हैं। महामारी और यूक्रेन युद्ध के चलते ऑस्ट्रेलिया में महंगाई भी बढ़ी है। इसके चलते लेबर पार्टी की तुलना में कंजर्वेटिव पार्टी के बेहतर आर्थिक प्रबंधक होने की धारणा पर संशय पैदा हो गया है। चीन की ओर से बढ़ता खतरा भी ऑस्ट्रेलिया के आम चुनाव में छाया हुआ है। 
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चीन को लेकर चिंता
चीन ने हाल में ऑस्ट्रेलिया के निकट मौजूद सोलोमन द्वीप के साथ सैन्य समझौता किया है, जिसको लेकर ऑस्ट्रेलिया चिंतित है। ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि युद्ध होने की स्थिति में चीन सोलोमन का इस्तेमाल सैन्य अड्डे के रूप में कर सकता है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया सरकार ने वर्ष 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 26 से 28 फीसदी की कटौती करने का लक्ष्य रखा है। लेबर पार्टी ने इसमें 43 प्रतिशत तक की कटौती की कोशिश का वादा किया है।

कंजर्वेटिव व लेबर पार्टी में कांटे का मुकाबला
हालिया ओपीनियन पोल के अनुसार लेबर पार्टी अभी कंजर्वेटिव गठबंधन के मुकाबले मामूली अंतर से आगे है। लेकिन चुनाव अनुमानों की विश्वसनीयता पर यकीन नहीं किया जा सकता, क्योंकि साल 2019 में हुए चुनाव में सभी अनुमान धराशायी हो गए थे। फिलहाल दोनों पार्टियों में कांटे का मुकाबला है।

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