अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति 2022 गुरुवार को जारी की गई। इस रणनीति के अनुसार, पेंटागन भारत के साथ अपनी प्रमुख रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाएगा। पेंटागन "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) की आक्रामकता को रोकने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्वतंत्र और खुली पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत की क्षमता को बढ़ाने के लिए आगे आएगा।
अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति 2022 में कहा गया है कि रक्षा विभाग स्वतंत्र और खुले क्षेत्रीय व्यवस्था को बनाए रखने और बल द्वारा विवादों को हल करने के प्रयासों को रोकने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक लचीला सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ और निर्मित करेगा। इसमें आगे कहा गया है हम बहुपक्षीय सहयोग के मुद्रा, अंतरसंचालनीयता और विस्तार में निवेश के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने गठबंधन को गहरा करेंगे। ऑकस (AUKUS) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड (Quad) जैसी साझेदारियों के साथ उन्नत तकनीकी सहयोग के माध्यम से अनुकूल परिस्थितियों को प्रोत्साहित करेंगे।
ऑस्टिन बोले- चुनौती बना रहेगा चीन
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने गुरुवार को कहा कि हम चीन के इरादों को जानते हैं और बीजिंग हमेशा चुनौती बना रहेगा। उन्होंने कहा कि चीन संयुक्त राज्य अमेरिका का एकमात्र प्रतिद्वंद्वी है, जिसके पास अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को नया रूप देने की मंशा है और ऐसा करने की शक्ति भी। साथ ही कहा कि चीन के अलावा, रूस लंबे समय तक संयुक्त राज्य अमेरिका को व्यवस्थित रूप से चुनौती नहीं दे सकता है।
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर आगे बढ़ रहा
ऑस्टिन ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर आगे बढ़ रहा है, कई देश परदे के पीछे उसका समर्थन कर रहे हैं और यहां तक कि ईरान ड्रोन का निर्यात भी कर रहा है जिसका उपयोग रूस यूक्रेनी नागरिकों को मारने के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, महामारियों और सीमाओं के पर उपजे खतरों को लेकर भी सतर्क है।