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भारत के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस फ्लीट के लिए पेंटागन ने दी नौ करोड़ डॉलर की बिक्री की मंजूरी

Fri, 02 Oct 2020 03:46 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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C-130J Super Hercules Aircraft - फोटो : Lockheed Martin
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पेंटागन ने C-130J Super Hercules (सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस) कार्गो विमान के बेड़े के लिए नौ करोड़ यूएस डॉलर के कलपुर्जे, उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और लॉजिस्टिक सहयोग खरीदने के भारत के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। 

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कांग्रेस को अपनी अधिसूचना में, रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने कहा कि प्रस्तावित बिक्री अमेरिका-भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और एक प्रमुख रक्षा साझेदार की सुरक्षा में सुधार करने में मदद करके और अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का समर्थन करेगी। भारत-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति, और आर्थिक प्रगति के लिए भारत-अमेरिका संबंध एक महत्वपूर्ण शक्ति हैं। 



भारत ने जिन सामानों का ऑर्डर दिया है, उनमें एयरक्राफ्ट के लिए उपयोग किए जा सकने वाले पार्ट्स, रिपेयर और रिटर्न पार्ट्स, ग्राउंड सपोर्ट और उपकरण, CAD/PAD अग्निशामक कार्टरिज, फ्लेयर कार्टरिज, BBU-35/B कार्टिज इंपल्स स्क्बिस शामिल हैं। 
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भारत ने एक स्पेयर AN/ALR-56M एडवांस्ड रडार वॉर्निंग रिसीवर शिपसेट, स्पेयर AN/ALE-47 काउंटरमेजर डिस्पेंसर सिस्टम शिपसेट, 10 हल्के नाइटविजन बाइनाक्युलर (दूरबीन), 10 AN/AVS-9 नाइट विजन गॉगल (NVG)(F4949), जीपीएस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के लिए भी ऑर्डर दिया है. 

भारत ने लैब इक्विपमेंट सपोर्ट और औजार, जॉइंट मिशन प्लानिंग सिस्टम; क्रिप्टोग्राफिक डिवाइस स्पेयर्स और लोडर्स, सॉफ्टवेयर सपोर्ट, पब्लिकेशन और टेक्निकल डॉक्यूमेंटेशन; कर्मियों की भर्ती और प्रशिक्षण के उपकरण, कॉन्ट्रैक्टर इंजीनियरिंग, तकनीकी और लॉजिस्टिकल सहायता और प्रोग्राम सपोर्ट से जुड़े दूसरी चीजों के लिए भी ऑर्डर दिया है। 

अधिसूचना के अनुसार, प्रस्तावित बिक्री सुनिश्चित करती है कि पहले खरीदे गए विमान भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना परिवहन की जरूरतों, स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता और क्षेत्रीय आपदा राहत में आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रभावी तरीके से संचालित हो सके। 

इसमें कहा गया है कि कलपुर्जों की बिक्री और सेवाओं से भारतीय वायुसेना बड़े मिशनों में तैनात होने के लिए तैयार बेड़े को बनाए रखने मे सक्षम होगी।

इस प्रकार की बिक्री के लिए 'सैन्य निर्यात नियंत्रण कानून' के तहत अधिसूचना अनिवार्य है। सांसदों के पास प्रस्तावित बिक्री की समीक्षा के लिए 30 दिन का समय होता है। यह बिक्री रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी लॉकहीड-मार्टिन संभव बनाएगी।

भारत उन 17 देशों में से एक है, जिन्हें अमेरिका ने अपना सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान बेचा है। भारतीय वायु सेना के पास इस समय पांच सी130जे-30 विमानों का बेड़ा है। भारत ने छह और सी-130जे-30 सुपर हरक्यूलिस विमान का ऑर्डर दिया है।

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