फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: सीनेट की समिति के सामने पेश होंगे एफबीआई प्रमुख, चार्ली की हत्या की जांच सहित इन सवालों का करना होगा सामना

Tue, 16 Sep 2025 02:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

US: एफबीआई निदेशक काश पटेल को सीनेट की न्यायपालिका समिति के सामने पूछताछ का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उनसे चार्ली किर्क की हत्या की जांच और एफबीआई में वरिष्ठ अधिकारियों की बर्खास्तगी से जुड़े सवाल हो सकते हैं। उन्हें यह साबित करना होगा कि वह किसी राजनीतिक दबाव में आकर बदले की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 
विज्ञापन
एफबीआई निदेशक काश पटेल - फोटो : एक्स@Kash_Patel
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल को सीनेट की एक समिति की पूछताछ का सामना करना पड़ेगा। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद उनसे चार्ली किर्क की हत्या की जांच और एफबीआई के अंदर वरिष्ठ अधिकारियों को हटाए जाने को लेकर कड़े सवाल पूछ सकते हैं। इन अधिकारियों ने एफबीआई निदेशक पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन


सीनेट की न्यायपालिका समिति उनसे पूछताछ करेगी। एफबीआई प्रमुख के पद पटेल को अभी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों भरा रहा है। समिति के सामने पटेल को साबित करना होगा कि एफबीआई के अंदरूनी उथल-पुथल और अमेरिकी में बढ़ती राजनीतिक हिंसा के बीच वह पद के लिए सही व्यक्ति हैं।
  
पटेल का अब तक का विवादों भरा कार्यकाल
पटेल इससे पहले जनवरी में समिति के समक्ष पेश हुए थे, जिसमें उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों को आश्वासन दिया था कि वह निदेशक के रूप में किसी भी तरह की राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं करेंगे। अब उन्होंने पूछा जाएगा कि क्या उन्होंने ऐसा किया है। एफबीआई ने पिछले महीने पांच एजेंटों और वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त किया है। मौजूदा व पूर्व अधिकारियों का कहना है कि इससे विभाग का मनोबल गिरा है और असंतोष फैला है। पटेल को इससे जुड़े सवालों का जवाब देना होगा।  
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'चार्ली की मौत का जश्न मनाने वालों का रद्द करेंगे वीजा, निर्वासन के लिए तैयार रहें', रूबियो की चेतावनी
 
अधिकारियों ने अदालत में दायर किया है मुकदमा
इनमें से तीन अधिकारियों ने पिछले हफ्ते एक संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पटेल को पता था कि इन अधिकारियों की बर्खास्तगी को अवैध घोषित किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने अपनी नौकरी बचाने के लिए इन्हें अंजाम दिया। इन अधिकारियों में से एक ने छह जनवरी 2021 को कैपिटल हिल में हुए दंगों की जांच में अहम भूमिका निभाई थी और एक अन्य अधिकारी काकार्यवाहक निदेशक रहते हुए न्याय विभाग के अधिकारियों से टकराव हुआ था। एफबीआई ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। 

रिपब्लिकन सांसद कर सकते पटेल का बचाव
सीनेट की इस समिति में रिपब्लिकन पार्टी के सांसद बहुमत में हैं। वह पटेल का समर्थन कर सकते हैं। पटेल राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी माने जाते हैं और रिपब्लिकन सांसद हिंसक अपराध और अवैध प्रवासियों पर फोक करने के उनके कदम की सराहना करने सकते हैं। पटेल से यह भी पूछाजासकता है कि उन्होंने चार्ली किर्क की हत्या की जांच को किस तरह संभाला, खासकर तब जब उन्होंने हत्या के कुछ घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर दावा किया था कि संदिग्ध हिरासत में हैं, जबकि आरोपी टायलर रॉबिंसन अगले दिन खुद पुलिस के पास पहुंचा। 

ये भी पढ़ें: 'गाजा जल रहा है...', गाजा सिटी में रातभर भारी हमलों के बाद इस्राइल के रक्षा मंत्री का बयान
विज्ञापन

 
हालांकि पटेल ने इस विवादित पोस्ट को लेकर कोई सफाई नहीं दी, लेकिन कहा कि आरोपी की तस्वीरें जारी करने का उनका फैसला गिरफ्तारी में मददगार साबित हुआ। एक पत्रकार ने बताया कि ट्रंप ने पटेल और एफबीआई की इस मामले में तारीफ करते हुए कहा, उन्होंने अच्छा काम किया है। टायलर रॉबिंसन को अब यूटा की अदालत में पेश किया जाएगा।

एफबीआई के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर सवाल
सीनेट में डेमोक्रेट सांसद पटेल से यह भी पूछ सकते हैं कि क्या वह एफबीआई को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर ट्रंप से जुड़ी पुरानी जांचों को फिर से खोलने को लेकर। एफबीआई और अभियोजक फिर से यह जांच कर रहे हैं कि क्या 2016 में ट्रंप के प्रचार अभियान और रूस के बीच कोई साठगांठ थी। पटेल का कहना है कि एफबीआई और न्याय विभाग के पिछले अधिकारी, जिन्होंने ट्रंप के खिलाफ जांच की थी, वही लोग थे जिन्होंने इन संस्थाओं को राजनीतिक हथियार बना दिया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें