आईसीआईजे ने एक ऐसे ही ऑफशोर ट्रस्ट- ट्राइडेंट का जिक्र किया है। इसे सायओक्स फॉल्स में रजिस्टर कराया गया, जहां की आबादी सिर्फ एक लाख 80 हजार है। दस्तावेजों के मुताबिक ये ट्रस्ट ऑफशोर सर्विस प्रदान करता है। उसके जरिए मध्य-पश्चिम अमेरिका में स्थित इस जगह पर करोड़ों डॉलर की रकम लाकर रखी गई है। दस्तावेजों के मुताबिक अपने धन पर टैक्स बचाने के लिहाज से दुनिया भर के धनी लोगों के लिए यह एक अहम पसंदीदा जगह बन गया है। साउथ डकोटा राज्य में रजिस्टर्ड ट्रस्टों के पास कुल 360 अरब डॉलर की संपत्ति है।
दसियों हजार दस्तावेजों के अपने अध्ययन के आधार पर आईसीआईजे ने कहा है कि अमेरिकी सरकार की नीतियों का फायदा साउथ डकोटा राज्य को मिला है। अमेरिका ने टैक्स हैवेन कैरीबियाई द्वीपों पर पारदर्शिता बरतने के लिए दबाव बनाया। उसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना धन साउथ डकोटा ले गए। इन बातों के प्रमाण पंडोरा पेपर्स में मौजूद हैं।
आईसीआईजे ने बताया है कि पहले टैक्स हैवेन के रूप में चर्चित रहे बहामा ने 2018 मनी-लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून बनाया। उसके तहत कंपनियों और कुछ ट्रस्टों के लिए ये बताना जरूरी कर दिया गया कि धन का मालिक कौन है। पंडोरा पेपर्स के मुताबिक ये कानून बनने के कुछ ही दिन बाद डॉमिकन रिपब्लिक के पूर्व उप राष्ट्रपति कार्लोस मोरालेस ट्रोंकोसो के परिजन बहामा गए और वहां से अपना धन साउथ डकोटा ले गए। ऐसा करने वाले वे अकेले व्यक्ति नहीं हैं।