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WHO In UNGA : विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक बोले- कोरोना महामारी खत्म नहीं हुई, पर अंत दिखाई दे रहा

Fri, 23 Sep 2022 01:46 AM IST
योगेश साहू एएनआई, न्यूयॉर्क।

सार

WHO In UNGA : डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि अधिकांश देशों में प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं और जनजीवन वैसा ही दिख रहा है जैसा महामारी से पहले था। लेकिन एक हफ्ते में 10 हजार मौतें होना, यह बहुत ज्यादा हैं।
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डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस - फोटो : Facebook
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विस्तार
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WHO In UNGA : कोरोना महामारी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है, परंतु उसका अंत नजदीक दिखाई दे रहा है। यह बात न्यूयॉर्क में आयोजित यूएनजीए की बैठक के दौरान डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कही है। 

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उन्होंने अपनी बात को शुरू करते हुए कहा कि यहां न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में, मुझसे अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है, हम कहाँ खड़े हैं? क्या महामारी खत्म हो गई है? पिछले दो हफ्तों में हमारी मीडिया ब्रीफिंग में, मैंने कहा है कि महामारी खत्म नहीं हुई है, लेकिन अंत नजर आ रहा है। यह दोनों बातें सच हैं।

उन्होंने कहा कि अंत को देखने में सक्षम होने का मतलब यह नहीं है कि अंत हो ही गया है। हां, हम पहले से कहीं बेहतर स्थिति में हैं। महामारी की वजह से होने वाली साप्ताहिक मौतों की संख्या में गिरावट जारी है, और अब यह जनवरी 2021 के अपने चरम के मुकाबले में केवल 10 फीसदी रह गई हैं। दुनिया की दो-तिहाई आबादी का टीकाकरण किया जा चुका है, जिसमें तीन-चौथाई स्वास्थ्य कार्यकर्ता और वृद्ध लोग शामिल हैं।
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डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि अधिकांश देशों में प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं और जनजीवन वैसा ही दिख रहा है जैसा महामारी से पहले था। लेकिन एक हफ्ते में 10 हजार मौतें होना, यह बहुत ज्यादा हैं, वह भी तब जब इनमें से ज्यादातर मौतों को रोका जा सकता था। यद्यपि जनसंख्या के स्तर पर प्रतिरक्षा में वृद्धि हुई है, फिर भी बड़े पैमाने पर टीकाकरण की अवधि में अंतराल है, विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह समस्या है।

उन्होंने कहा कि वायरस अभी भी और फैल रहा है, और अधिक खतरनाक रूपों के उभरने के मौजूदा जोखिम के साथ और ज्यादा बदल रहा है। हमने करीब ढाई साल एक लंबी, अंधेरी सुरंग में बिताए हैं, और हम उस सुरंग के अंत में अब प्रकाश की झलक पाने लगे हैं। लेकिन इसके लिए अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है, और सुरंग में अभी भी अंधेरा है, जिसमें कई बाधाएं हैं जो हमें परेशान कर सकती हैं, यदि हम ध्यान नहीं देते हैं।

उन्होंने कहा कि हम सभी को आशा की आवश्यकता है कि हम कर सकते हैं- और हम करेंगे- सुरंग के अंत तक पहुंचेंगे और महामारी को पीछे छोड़ दें। लेकिन हम अभी तक वहां नहीं हैं, हम अभी भी सुरंग में हैं, और हम केवल आगे के रास्ते पर ध्यान केंद्रित करके, और उद्देश्य और देखभाल के साथ आगे बढ़ते हुए अंत तक पहुंचेंगे। महामारी का आलम यह रहा है कि जब तक सभी सुरक्षित नहीं हैं तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने इसके साथ ही हर एक संसाधन का जरूरत के अनुसार उपयोग करने, सुरक्षित रहने, दूरी बनाए रखने, मास्क पहनने और हवादार जगह पर रहने जैसे नियमों का पालन करने की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि हमें अपने चिकित्सकीय उपकरणों को साफ रखना होगा, टीकाकरण, जांच और उपचार के माध्यम से महामारी को पछाड़ना होगा। कम आय वाले देशों में सिर्फ 19 फीसदी आबादी का ही टीकाकरण हो पाया है। 

उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए मैं ग्लोबल फंड की ओर से आज की घोषणा का स्वागत करता हूं कि इसने एसीटी एक्सेलेरेटर के माध्यम से देशों के लिए एंटीवायरल निर्माट्रेलवीर / रटनवीर, या पैक्सलोविड तक पहुंच की सुविधा के लिए फाइजर के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। शुक्रवार को मैं यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं की दो बैठकों में शामिल होऊंगा।

इनमें से एक संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन द्वारा आयोजित, और एक संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की ओर से बुलाई गई है। यह बैठकें हम कहां हैं, इसका जायजा लेने और कोविड-19 के उपचार से जुड़े उपकरणों तक समान पहुंच के लिए मजबूत राजनीतिक समर्थन को बढ़ावा देने के लिए हैं।

इसके बाद उन्होंने युगांडा के हालात, दुनिया में लैबों की स्थिति और मंकीपॉक्स को लेकर भी तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। इबोला के बारे में उन्होंने बताया कि इसके अब तक 16 मरीज मिले हैं, इन की देखभाल के साथ जांच की जा रही हैं, ताकि इबोला संक्रमित और लोगों का पता लगाया जा सके।

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