गाजा पट्टी में इस्राइली सेना का सैन्य अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में, गुरुवार को इस्राइली सेना ने उत्तरी गाजा में फिर हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 100 फलस्तीनी मारे गए हैं। वहीं इस्राइली बलों में उत्तरी गाजा में एक स्कूल को भी निशाना बनाया। जिसमें स्कूल में शरण लिए हुए कम से कम 27 फिलिस्तीनी मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ज़हीर अल-वाहिदी ने इस बारे में जानकारी दी। वहीं, इस्राइली सेना का कहना है कि इस हमले का उद्देश्य हमास पर नया दबाव डालना और आतंकवादी समूह को खदेड़ना है।
अल-वाहिदी ने कहा कि गाजा के तुफ्फाह इलाके में स्थित स्कूल से 14 बच्चों और पांच महिलाओं के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमले में मरने वालों की संख्या में अभी भी इज़ाफा हो सकता है। उन्होंने अहली अस्पताल के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि शिजाय्याह के नजदीकी इलाके में घरों पर किए गए हमलों में 30 से ज़्यादा गाजा निवासी मारे गए।
वहीं, इस्राइली सेना ने भी हमले को लेकर बयान जारी किया है। आईडीएफ ने कहा कि गाजा शहर के इलाके में हमास कमांड और कंट्रोल सेंटर पर हमला किया गया। सेना ने कहा कि उसने नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ये कदम उठाए हैं। इससे पहले, इस्राइल ने बुधवार को आश्रय के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली संयुक्त राष्ट्र की इमारत पर हमला करने के लिए यही कारण बताया - "कमांड और कंट्रोल सेंटर" में हमास के आतंकवादियों पर हमला करना - जिसमें कम से कम 17 लोग मारे गए।
वहीं, हमले से पहले, इस्राइली सेना ने गुरुवार को उत्तरी गाजा के कई हिस्सों में रहने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों को गाजा शहर के पश्चिमी हिस्से में शरण लेने की चेतावनी दी थी। साथ ही कहा था कि इन इलाके में अत्यधिक सुरक्षा बलों के साथ सैन्य अभियान चलाया जाएगा।
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गाजा में नया सुरक्षा गलियारा स्थापित कर रहा इस्राइल: नेतन्याहू
इससे पहले, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को घोषणा की थी कि इस्राइल गाजा पट्टी में एक नया सुरक्षा गलियारा स्थापित कर रहा है, जिसके चलते राफा शहर को फलस्तीनी क्षेत्र से काट दिया जाएगा। नेतन्याहू ने इस सुरक्षा गलियारे को 'मोराग कॉरिडोर' का नाम दिया है, जो राफा और खान यूनिस के बीच होगा। नेतन्याहू ने कहा कि यह 'दूसरा फिलाडेल्फिया कॉरिडोर' होगा, जो मिस्र के साथ सीमा के गाजा पक्ष को दक्षिण की ओर संदर्भित करता है, जो मई 2024 से इस्राइल के नियंत्रण में है। नेतन्याहू ने कहा कि हम पट्टी को काट रहे हैं और हमास पर कदम दर कदम दबाव बढ़ा रहे हैं, ताकि वो हमें हमारे बंधक सौंप दे।
हमास ने हथियार डालने वाली इस्राइल की मांग ठुकराई
हालांकि, फलस्तीनी प्राधिकरण ने नियोजित गलियारे को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। वहीं, हमास ने भी इसका विरोध किया है। हमास ने कहा है कि वह केवल शेष 59 बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें 24 के जिंदा होने का अनुमान है। हमास ने बदले में अधिक फलस्तीनी कैदियों की रिहाई की मांग की है। साथ ही एक स्थायी युद्धविराम और इस्राइल की वापसी की भी मांग की गई है। इसके अलावा, हमास ने इस्राइल की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें कहा गया है कि वह अपने हथियार डाल दे और क्षेत्र को खाली कर दे।
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