गाजा पट्टी और पश्चिमी तट पर एक बार फिर अपने वर्चस्व की स्थापना को लेकर फलस्तीनी सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में मांग उठाई। फलस्तीन ने गाजा पट्टी और पश्चिमी तट्ट पर शासन के लिए अपनी तैयारी पर जोर दिया।
15 महीनों तक चले इस्राइल-हमास जंग में युद्ध विराम समझौते पर इस्राइली की सहमति के बाद फलस्तीन के क्षेत्रों में थोड़ी शांति देखने को मिल रही है। इसी बीच फलस्तीनी सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में मांग उठाई है कि वह गाजा पट्टी और पश्चिमी तट को चलाने की ज़िम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। साथ ही यूरोपीय संघ और मिस्र के साथ मिलकर सीमा पार बिंदुओं को प्रबंधित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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यूएन रक्षा परिषद में बोले फलस्तीनी मंत्री
मामले में फलस्तीनी विदेश मामलों की मंत्री वरसेन अगाबेकियन ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंत्रीस्तरीय बैठक में कहा कि उनकी सरकार फलस्तीनी पुलिस और सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देने और सुसज्जित करने के लिए किसी भी सहायता का स्वागत करती है। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल मानवीय सहायता की अपील भी की।
अगाबेकियन ने जताई उम्मीद
साथ ही बैठक में अगाबेकियन ने उम्मीद जताई कि छह हफ्तों का युद्धविराम एक अंतिम युद्धविराम की दिशा में कदम बढ़ाएगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का तर्क देते हुए ये उम्मीद भी जताई कि इस युद्ध विराम के बाद यह इस्राइल के कब्जे को एक साल के भीतर समाप्त करने के लिए एक राजनीतिक मार्ग तैयार करेगा।
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इस्राइल ने दिया जवाब
फलस्तीनी मंत्री के बयान के बाद इस्राइल की राजनयिक समन्वयक रुत शापिर बेन नाफटाली ने पलटवार किया। साथ ही उन्होंने परिषद से कहा कि यह युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक हर बंधक को वापस नहीं लिया जाता और हमास की आतंक फैलाने की क्षमता को नष्ट नहीं किया जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व एक मोड़ पर खड़ा है, जहां ईरान के समर्थक समूह जैसे कि हमास और लेबनान में हिज़बुल्लाह को विनाशकारी नुकसान हुआ है और ईरान के आतंकी नेटवर्क, जिसमें यमन के हूथी भी शामिल हैं, उसको को भी भारी असफलताओं का सामना करना पड़ा है।