फ्रांस और यूरोप में रहने वाले पश्तूनों ने शनिवार को भारी संख्या में पेरिस पहुंचकर पाकिस्तानी दूतावास का घेराव किया। पश्तूनों का यह जमावड़ा पाकिस्तान में पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के संस्थापक व मानवाधिकार कार्यकर्ता मंजूर पश्तीन के कथित अपहरण का विरोध जता रहे थे। पश्तूनों के हुजूम ने पाकिस्तान के पश्तून बहुल इलाकों में वहां की सेना के समर्थन से आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया और पश्तून इलाकों को अलग देश के तौर पर आजाद किए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्तीन को एक पाकिस्तानी अदालत ने शनिवार को देशद्रोह के दो मामलों में जमानत दे दी थी, लेकिन रिपोर्ट में पीटीएम नेताओं व पश्तीन के वकीलों के हवाले से बताया गया कि दो अन्य मामलों में उनकी जमानत याचिका अब भी अदालत के सामने विचाराधीन है। इसके चलते पश्तीन को अभी जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है।