लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के साथ जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक का एक साथ देखे जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान में लश्कर प्रमुख हाफिज सईद के साथ बातचीत के मसले पर इनकार किया है।
बीबीसी संवाददाता राजेश जोशी से बातचीत में यासीन मलिक ने कहा कि मैं पाकिस्तान निजी कारणों से आया हुआ था। इसी बीच अफजल गुरु की फांसी की खबर आ गई। मैंने इसलामाबाद में प्रेस क्लब के सामने 24 घंटे की भूख हड़ताल का ऐलान किया था। भूख हड़ताल में शिरकत करने के लिए हमने किसी को दावत नहीं दी थी।
इस बीच हाफिज सईद और यासीन मलिक के एक साथ दिखाए देने को लेकर भारत में सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित के हवाले से बताया कि पार्टी ने केंद्र सरकार को मामले की पड़ताल करने के लिए कहा है।
इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने सईद और मलिक के मंच पर एक साथ मौजूदगी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। भारत के गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी इस बाबत पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा कि मैं मामले की जांच करूंगा।
जेकेएलएफ नेता यासीन मलिक एक निजी यात्रा पर पाकिस्तान में हैं। भारतीय संसद पर हमलों के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर मातम मनाने के लिए यासीन मलिक और हाफिज सईद एक ही मंच पर दिखे थे। विपक्षी पार्टी भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई ने यासिन मलिक का पासपोर्ट रद्द किए जाने की मांग की है।