पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से नामांकन दाखिल करने का अधिकार छीन लिया है क्योंकि वह कोर्ट में पेशी के लिए नहीं आए। पिछले हफ्ते कोर्ट ने एक निर्देश जारी किया था जिसके अनुसार मुशर्रफ को 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति दी गई थी। साथ ही उनसे 14 जून से पहले कोर्ट में पेश होने के लिए भी कहा गया था।
कोर्ट के निर्देश के बाद
मुशर्रफ ने चित्राल से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था लेकिन वह गुरुवार को 2 बजे कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाए। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मियां साकिब निसार ने पहले कहा था कि यदि वह कोर्ट में उपस्थित नहीं होते है तो उन्हें कानून के हिसाब से कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुशर्रफ के वकील कमर अफजल से कोर्ट ने कहा था कि उनके मुवक्किल को कोर्ट में पेश होना जरूरी है। ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के महासचिव डॉक्टर अमजद ने चीफ जस्टिस को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति कोर्ट में पेशी के लिए नई तारीख लेने की कोशिश कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय की चार जजों की बेंच मुशर्रफ को पेशावर कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराने के फैसले के खिलाफ दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रही है। वह इस समय
दुबई में हैं और मार्च 2016 से चिकित्सा उपचार के कारण पाकिस्तान वापस नहीं आए हैं।