पाकिस्तान में एक शीर्ष न्यायाधीश ने कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर कश्मीर (पीओके) के अदालत कर्मचारियों को अदालत और उसके बाहर रोजाना बिल्कुल समय पर नमाज पढ़नी पड़ेगी। इसका कारण है कि उनकी सालाना वेतन वृद्धि निर्धारित समय पर नियमित रूप से नमाज पढ़ने पर ही निर्भर करेगी।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर है कि पीओके के सुप्रीम कोर्ट के 12वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति इब्राहिम जिया ने अदालत कर्मचारियों को अदालत और नमाज के समय में समय पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, ‘अदालत कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि अब निर्धारित समय पर नियमित रूप से नमाज पढ़ने पर निर्भर करेगी।’ उन्होंने घोषणा की कि नमाज पढ़ना अदालत के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। पांच बार नमाज पढ़ना इस्लाम में मुसलमानों के लिए अनिवार्य धार्मिक कर्त्तव्य है।