पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइंस पीआईए ने कहा है कि उसने पिछले छह महीने में अपने ऐसे तीन सौ कर्मचारियों को बर्ख़ास्त कर दिया है जिन्होंने जाली डिग्रियों के आधार पर नौकरी पाई थी।
पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के प्रवक्ता ने कहा कि जाली दस्तावेज़ देने वालों में पायलट और इंजीनियर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभी ऐसे और पचास कर्मचारी हैं जिनके दस्तावेज़ जाली पाए गए हैं लेकिन उनके मामलों की समीक्षा हो रही है।
पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पीआईए इन दिनों अपने सभी 16 हज़ार कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यताओं से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच में लगा है।
दस्तावेज़ों की जांच
पाकिस्तानी अख़बार 'डॉन' के अनुसार पीआईए के प्रवक्ता मशहूद तजवर ने बताया कि तीस हज़ार डिग्रियों को जांचने के लिए शैक्षिक संस्थानों को भेजा गया है।
इनमें से अब तक छह हजार डिग्रियों की जांच पूरी हो चुकी है जिनमें 350 जाली पाई गई हैं। इसी आधार पर तीन सौ लोगों को बर्ख़ास्त किया गया है जबकि पचास लोगों के मामले में अदालती आदेश का इंतज़ार किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में कहा गया था कि पीआईए में राजनीतिक आधार पर बड़े पैमाने पर भर्तियां होती हैं और इनमें से ज़्यादातर लोग जाली दस्तावेज़ों के आधार पर नौकरी पाते हैं।
एक अधिकारी ने बताया, “ये बहुत ही चौंकाने वाली है कि पीआईए में सीनियर पायलटों तक के पास जाली डिग्रियां हैं।”